Sonia Gandhi ने पूर्व PM Manmohan Singh को सराहा, कोयला मामले में क्लीन चिट का स्वागत किया

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 11, 2026

कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को हाल में कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में उच्चतम न्यायालय से क्लीन चिट मिलने का मंगलवार को स्वागत करते हुए कहा कि उनकी ईमानदारी और जवाबदेही का रिकॉर्ड नरेन्द्र मोदी सरकार के कामकाज के तरीके के बिल्कुल विपरीत है। सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि इतिहास मनमोहन सिंह को ‘‘एक मृदु, सौम्य लेकिन सबसे महत्वपूर्ण प्रधानमंत्रियों में से एक’’ के रूप में याद करेगा। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने अंग्रेजी दैनिक ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के लिए लिखे लेख में कहा कि 29 जुलाई, 2026 का दिन भारतीय राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण लेकिन ‘‘अनदेखा’’ दिन था, जब उच्चतम न्यायालय ने कथित कोयला घोटाला मामले में सिंह को सीबीआई की ‘क्लोजर रिपोर्ट’ के आधार पर दी गई क्लीन चिट को बरकरार रखा।

वह असाधारण शुचिता और ईमानदारी वाले व्यक्ति थे।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि सिंह के खिलाफ अभियान ‘‘सुनियोजित और समन्वित’’ था तथा इसमें नौकरशाही, मीडिया, न्यायपालिका, नागरिक संगठन और ‘‘निश्चित तौर पर आरएसएस तथा भाजपा’’ से जुड़े लोग शामिल थे। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह खुद इन दिनों देश के छात्रों को उन पर हमला करने के लिए ‘‘माफ’’ कर रहे हैं, इसलिए शायद वह सिंह को ‘‘अमर्यादित तरीके से बदनाम करने’’ के लिए खुद को भी माफ कर सकते हैं। सोनिया गांधी ने मोदी द्वारा राज्यसभा में आठ फरवरी, 2017 को सिंह पर की गई टिप्पणी का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि ‘‘रेनकोट पहनकर नहाने की कला’’ वाली प्रधानमंत्री की टिप्पणी ‘‘हमारे संसदीय इतिहास के सबसे निम्न स्तरों में से एक’’ के रूप में याद की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी जांच एजेंसियों का ‘‘घोर दुरुपयोग’’ कर रही है और उनका इस्तेमाल राजनीतिक नेताओं पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। गांधी ने कहा कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने गहरे आर्थिक बदलावों की शुरुआत की और अभूतपूर्व आर्थिक वृद्धि के दौर में निजी निवेश तथा खपत को बढ़ावा दिया।

उन्होंने दावा किया कि 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के दौरान भी भारत ने अपनी मजबूती दिखाई। उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार के 10 वर्षों के दौरान भारत की आर्थिक वृद्धि पिछले 12 वर्षों की तुलना में अधिक रही और इससे लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकलने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह सरकार की उपलब्धियों में शिक्षा का अधिकार, केंद्रीय वित्त पोषित उच्च शिक्षण संस्थानों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून, 2013 प्रमुख हैं।

उन्होंने कहा कि सिंह के कार्यकाल में नागरिक संगठन को सरकार के खिलाफ आवाज उठाने और छात्रों को प्रधानमंत्री समेत सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने की स्वतंत्रता थी। सोनिया गांधी ने कहा कि मनमोहन सिंह संसद और मीडिया के प्रति जवाबदेह रहते थे तथा उन्होंने 100 से अधिक बिना पूर्व निर्धारित सवालों वाली प्रेस वार्ताएं कीं। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में सिंह का रिकॉर्ड भारतीय इतिहास में निर्णायक आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक प्रगति के दौर के रूप में पहचाना जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें निश्चित रूप से इस बात का अफसोस है कि वह इस दिन को देखने और अपने ज्ञान से देश का मार्गदर्शन करने के लिए हमारे बीच नहीं हैं। लेकिन यह हमारे लिए संतोष की बात है कि जनवरी, 2014 में की गई उनकी भविष्यवाणी हर गुजरते दिन के साथ सच साबित होती जा रही है।’’ सिंह का 27 दिसंबर, 2024 को निधन हो गया था। कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़े इस चर्चित आपराधिक मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा उन्हें तलब करने का आदेश निरस्त किए जाने के बाद मामला उनके खिलाफ औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है।

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