By अंकित सिंह | Jan 07, 2019
समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में हुए कथित अवैध खनन मामले पर सीबीआई की कार्यवाही के बाद राजनीति तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि भाजपा का CBI से गठबंधन है और वो हताशा में हमें डराने की कोशिश कर रहे हैं। रामगोपाल ने कहा कि CBI का लगातार दुरूपयोग हो रहा है और वो सरकारी तोते की तरह काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी हमारा गठबंधन हुआ भी नहीं है और मोदी सरकार सीबीआई के तोते के साथ गठबंधन कर लिया है।
बसपा के सतीश मिश्रा ने कहा कि भाजपा जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाने ले लिए CBI का दुरूपयोग कर रही है। भाजपा पर हमला जारी रखते हुए मिश्रा ने कहा कि ये लोग भगवान के नाम पर लोगों को बांट रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया राम पर राजनीति करते-करते भाजपा वाले अब हनुमान की जाति बनाने लगे हैं। इस मामले में आज राज्यसभा में भी जमकर हंगामा हुआ। सपा सदस्यों द्वारा पार्टी के नेताओं के खिलाफ सीबीआई के दुरुपयोग का मामला उठाने के साथ ही सदन में अन्य दलों के सदस्यों ने विभिन्न मुद्दे उठाना शुरू कर दिया। सभापति एम वेंकैया नायडू ने नियम 267 के तहत विभिन्न दलों के सदस्यों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग को अस्वीकार्य कर दिया।
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गौरतलब है कि पूर्ववर्ती सपा सरकार के शासनकाल में वर्ष 2012 से 2016 के बीच राज्य में हुए कथित खनन घोटाला मामले में सीबीआई ने कल लखनऊ में आईएएस अफसर बी. चंद्रकला के घर पर छापा मारा था। सीबीआई ने बुंदेलखण्ड में अवैध खनन के मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर चंद्रकला समेत 11 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था। वर्ष 2012-13 में खनन विभाग तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास था। लिहाजा माना जा रहा है कि सीबीआई इस मामले में उनसे भी पूछताछ कर सकती है।