By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 22, 2026
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के दो नेताओं के बीच प्रदेश में गठबंधन के नेतृत्व की भूमिका को लेकर अलग-अलग राय सामने आई। कैराना से समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद इकरा हसन और सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद दोनों 2024 के लोकसभा चुनाव में ‘इंडिया’ गठबंधन के तहत निर्वाचित हुए थे। हालांकि विधानसभा चुनाव में गठबंधन के नेतृत्व को लेकर दोनों नेता आपस में भिड़ गये।
इसलिए राहुल जी के बिना कुछ भी संभव नहीं है।’’ मसूद इससे पहले सपा के साथ रहे हैं और वह सीट बंटवारे पर जल्द निर्णय लेने की वकालत करते रहे हैं। उन्होंने गठबंधन में कांग्रेस को ‘‘बड़ा भाई’’ बताया। हालांकि, सपा नेता लगातार कहते रहे हैं कि गठबंधन की रूपरेखा राहुल गांधी और अखिलेश यादव तय करेंगे।
वहीं, मंगलवार को इकरा हसन ने गठबंधन की संभावनाओं को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा, ‘‘केवल अखिलेश यादव भाजपा को हराने में सक्षम हैं। कांग्रेस अपने बल पर बहुत अधिक कुछ हासिल नहीं कर पाएगी।’’ दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं की ओर से एकजुटता बनाए रखने के बयानों के बावजूद स्थानीय नेताओं की अलग-अलग टिप्पणियां गठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर मतभेदों को दर्शाती हैं।
सपा और कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में 2024 का लोकसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ा था और कुल 43 सीट पर जीत दर्ज की थी। इन 43 सीट में से सपा ने 37 और कांग्रेस ने छह सीट पर जीत हासिल की थी। गठबंधन ने फैजाबाद सीट पर भी जीत हासिल की थी, जो 2019 में भाजपा के पास थी।
इस बीच, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में भाजपा को सत्ता में आने से रोकने की कोशिश कर रहे दलों के साथ गठबंधन के विकल्प पर विचार कर सकती है। ओवैसी ने रविवार को कानपुर में एक जनसभा में कहा था कि उनकी पार्टी भी उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार नहीं चाहती और भाजपा को रोकने के इच्छुक दल एआईएमआईएम के साथ हाथ मिला सकते हैं।