By अंकित सिंह | Oct 24, 2026
आगरा शिक्षक एमएलसी (विधान परिषद) निर्वाचन क्षेत्र में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद, तीन बूथों पर दोबारा मतदान कराने की सिफारिश की गई है। शुक्रवार को 11 MLC निर्वाचन क्षेत्रों (विधान परिषद के पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों) में मतदान हुआ। इन 11 निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 152 उम्मीदवार मैदान में थे। रिटर्निंग ऑफिसर ने खेरागढ़ तहसील के बूथ नंबर 20, क्षेत्र पंचायत सैंया के बूथ नंबर 21 और क्षेत्र पंचायत फतेहाबाद के बूथ नंबर 26 पर दोबारा मतदान (री-पोल) कराने की सिफारिश की है। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिन्वा ने यह प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को भेज दिया है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि आयोग अनियमितताओं की शिकायतों पर उचित कार्रवाई करने में विफल रहा है। वहीं, भाजपा ने अपनी चुनावी संभावनाओं को लेकर भरोसा जताया और कहा कि उसके शासन के रिकॉर्ड तथा शिक्षकों और स्नातकों के बीच उसकी पहुंच से उसे वोट मिलेंगे। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले, भाजपा और सपा के बीच का मुकाबला और भी महत्वपूर्ण हो गया है; दोनों ही दल शिक्षकों, स्नातकों और अन्य पंजीकृत मतदाताओं के बीच अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाना चाहते हैं।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीट के लिए शुक्रवार को मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। निर्वाचन आयोग के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इन चुनावों में 55.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ और शाम चार बजे तक चला। इन सीट में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे अधिक 79.01 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 73.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 68.21 प्रतिशत, आगरा में 63.84 प्रतिशत, मेरठ में 60.80 प्रतिशत और लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 50.92 प्रतिशत मतदान हुआ।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में आगरा में सबसे अधिक 51 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 41.40 प्रतिशत, वाराणसी में 41.01 प्रतिशत, मेरठ में 39.81 प्रतिशत और लखनऊ में 38.02 प्रतिशत मतदान हुआ। ये चुनाव 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे हैं और इन्हें दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल माना जा रहा है। चुनाव प्रचार बृहस्पतिवार शाम समाप्त हो गया था। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने पीटीआई-भाषा को बताया कि उन्नाव, कानपुर और कानपुर देहात को छोड़कर राज्य के बाकी 72 जिलों में मतदान हुआ। लखनऊ में मतदान के लिए 259 केंद्र बनाए गए थे, जहां एक लाख 16 हजार 491 पंजीकृत मतदाता वोट डालने के पात्र थे। इन चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय मतपत्रों का इस्तेमाल किया गया। पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी हैं जबकि छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र लखनऊ, आगरा, वाराणसी, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद हैं। ये निर्वाचन क्षेत्र राज्य के सभी 75 जिलों में फैले हुए हैं। हालांकि, केवल पंजीकृत स्नातक और शिक्षक मतदाता ही मतदान करने के पात्र हैं।