By अंकित सिंह | Oct 22, 2026
समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव गुरुवार दोपहर 2 बजे रामपुर जेल में पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात करेंगे। इससे कुछ दिन पहले ही AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाया था कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पुराने साथी को मानो छोड़ ही दिया है। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब अखिलेश और आजम के रिश्तों को लेकर राजनीतिक चर्चा फिर से तेज हो गई है। हाल ही में ओवैसी ने इस बात पर सवाल उठाए थे कि SP प्रमुख ने इस वरिष्ठ मुस्लिम नेता से संपर्क करने में इतनी देरी क्यों की।
कहा जाता है कि अखिलेश ऐसी मुलाकात से बचते रहे थे, लेकिन पार्टी के मुख्य मुस्लिम वोट बैंक के खिसकने के डर ने उन्हें उत्तर प्रदेश के सबसे प्रमुख अल्पसंख्यक नेता से संपर्क करने के लिए मजबूर कर दिया। खान के जेल में रहने के दौरान, यादव ने 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उनसे केवल एक बार मुलाकात की है। अखिलेश की आज़म खान के साथ मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी लगातार कांग्रेस के साथ-साथ समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साध रहे हैं। उनका कहना है कि मुसलमानों को नेहरू, गांधी या यादव के बजाय अपने खुद के नेताओं की ज़रूरत है।
ओवैसी ने यह बात रामपुर में एक जनसभा के दौरान कही। ओवैसी ने कहा कि हम नेहरू, गांधी या यादव में से किसी को अपना नेता नहीं बनाएंगे। हमारे ये नौजवान बेटे-बेटियां सबसे आगे खड़े होंगे... मुस्लिम युवाओं में भी उतना ही दम-खम है, जितना दूसरे समुदायों के लोगों में होता है। आप लोगों में भी हुनर है, लेकिन आपको कोई मंच नहीं दिया जाता। इस बीच, आजम खान की पत्नी और समाजवादी पार्टी (SP) की पूर्व राज्यसभा सदस्य व विधायक, तहजीन फातिमा ने सार्वजनिक रूप से पार्टी नेतृत्व पर उनके परिवार के प्रति उदासीन रहने का आरोप लगाया है। यह आरोप तब सामने आया है, जब आजम खान 1992 में पार्टी के गठन के समय से ही अखिलेश और उनके पिता—SP के संस्थापक मुलायम सिंह यादव—के प्रति लंबे समय से वफादार रहे हैं।