By दिव्यांशी भदौरिया | Feb 03, 2026
मंगलवार का दिन हनुमान जी को सर्मित है। इस दिन भक्त उनके दर्शन के लिए मंदिर जाते हैं और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। कुछ लोग तो मंगलवार का व्रत रखते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, हनुमान जी की पूजा करने से भक्त लगभग हर संकट से मुक्त हो जाते हैं। माना जाता है कि हर रोज हनुमान चालीसा का पाठ करने से कई तरह का के लाभ प्राप्त होते हैं। हनुमान चालीसा में कुछ ऐसी चौपाइयां हैं, जिनके जाप से कई तरह की बाधाएं खत्म हो जाती हैं। इस लेख में हम आपको हनुमान चालीसा की 5 चमत्कारिक चौपाइयों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका रोजना जाप करने से धन की प्राप्ति होती है और बिगड़े काम भी बनते हैं।
हनुमान चालीसा के चमत्कारिक चौपाई
नाशै रोग हरै सब पीड़ा
हनुमान चालीसा में एक चौपाई है- नाशै रोग हरै सब पीड़ा जपत निरंतर हनुमत बीरा। मान्यता है कि इस चौपाई का रोजाना जाप करने से बड़ी या लंबी बीमारी से राहत मिलती है। इसके अतिरिक्त कार्यों में आ रही बाधाएं भी रुक जाती है। इससे आर्थिक उन्नति होगी। इसके साथ ही सेहत भी सही रहेगा, तो आपका मन काम, पढ़ाई में लगेगा। इससे आपकी ग्रोथ होगी।
अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता
दूसरी चौपाई है- अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता, अस बर दीन जानकी माता। इस चौपाई का अर्थ है कि आपको माता श्री जानकी से ऐसा वरदान मिला हुआ है, जिससे आप किसी को भी आठों सिद्धियां और नौ निधियां दे सकते हैं। यह चौपाई बेहद ही चमत्कारिक है। इस चौपाई के जाप करने से आपको परेशनियां से लड़ने में शक्ति मिलती है। इसका जाप आप ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद कर सकते हैं। धन प्राप्ति से लेकर जिस भी विशेष कामना के साथ आप इस चौपाई का जाप करेंगे वह तुरंत पूरा होगा।
विद्या बाण गुणी अति चातुर
तीसरी चौपाई है- विद्या बाण गुणी अति चातुर राम काज करिबे को आतुर। इस चौपाई का जाप करने से व्यक्ति को ज्ञान, बुद्धि और विवेक प्राप्त होता है। खासकर छात्रों को इस चौपाई का नियमित तौर पर जाप करना चाहिए। सुबह स्नान करने के बाद इस चौपाई का 108 बार जाप कर सकते हैं।
भीम रूप धरि असुर संहारे
चौथी चौपाई है- भीम रूप धरि असुर संहार रामचंद्र के काज संवारे। हनुमान चालीसा की यह चौपाई कारगर साबित होगी। इस चौपाई का रोजना जाप करें। ऐसा करने से व्यक्ति के हर बिगड़े काम बन जाते हैं। किसी भी कार्य में रुकावट नहीं आती है। व्यापार में बाधा हो या आर्थिक परेशनियां, प्रतिदिन सुबह इस का 108 बार जाप जरुर करें। इससे शत्रुओं से निजात मिलता है।
भूत-पिशाच निकट नहीं आवे
पांचवीं चौपाई है- भूत पिशाच निकट नहीं आवे। महाबीर जब नाम सुनावे। भगवान हनुमान जी को साहस और निर्भयता के प्रतीक है। इस चौपाई का जाप करने से साधक के पास भूत-प्रेत, बुरी आत्माएं या किसी भी प्रकार की नकारात्मक शक्तियां नहीं आ सकती हैं। यानी साधक को किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं होती है।
हनुमान चालीसा के नियम
- जब भी आप हनुमान चालीसा का जाप शुरू करें तो पहले श्री राम और माता सीता को स्मरण कर प्रणाम करना चाहिए।
- हनुमान चालीसा का जाप करने से पहले हनुमान जी की मूर्ति के समक्ष दीपक जलाएं।
- इसके बाद हनुमान जी को फूल अर्पित करें। इसके बाद पाठ शुरू करें।
- साथ ही यह भी ध्यान रखें कि पाठ के दौरान मन में किसी प्रति वैर-क्रोध न हो।