By अभिनय आकाश | Sep 23, 2026
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर बंटा हुआ फ़ैसला सुनाया। इस कानून के तहत चुनाव आयुक्तों के चयन पैनल से CJI को हटा दिया गया था। अब सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच यह तय करेगी कि क्या इस मामले की सुनवाई पांच जजों की बेंच को करनी चाहिए।
याचिकाओं पर जस्टिस SC शर्मा और जस्टिस दत्ता की राय अलग-अलग
CEC और ECs को चुनने वाले पैनल से CJI को बाहर रखने वाले कानून के मामले को बड़ी बेंच को सौंपने की मांग वाली याचिकाओं पर जस्टिस SC शर्मा और जस्टिस दत्ता की राय अलग-अलग थी। सुनवाई के दौरान, जस्टिस दीपांकर दत्ता ने 2023 के उस कानून की वैधता के खिलाफ याचिकाओं को बड़ी बेंच को सौंपने से इनकार कर दिया, जिसके तहत CEC और ECs को चुनने वाले पैनल से CJI को बाहर रखा गया है। फैसला सुनाते हुए, जस्टिस दत्ता ने चुनाव आयोग की आज़ादी और निष्पक्षता को लेकर व्यापक चिंताएं जताईं और सवाल उठाया कि क्या 2023 के कानून के तहत नियुक्ति की प्रक्रिया स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए ज़रूरी संवैधानिक मानकों को पूरा करती है।