By Ankit Jaiswal | Oct 15, 2026
श्रीलंका की क्रिकेट टीम को पाकिस्तान में होने वाली एकदिवसीय त्रिकोणीय सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के सलामी बल्लेबाज पथुम निसांका चोट के कारण इस प्रतियोगिता से बाहर हो गए हैं। 18 अक्टूबर से शुरू होने वाली इस सीरीज में पाकिस्तान और इंग्लैंड की टीमें भी हिस्सा लेंगी। श्रीलंका को उम्मीद थी कि निसांका समय रहते फिट हो जाएंगे, लेकिन उनकी चोट पूरी तरह ठीक नहीं होने के कारण टीम प्रबंधन को उनकी जगह दूसरे खिलाड़ी को चुनना पड़ा है।
निसांका की गैरमौजूदगी श्रीलंका के लिए इसलिए भी चिंता का विषय है, क्योंकि वह एकदिवसीय क्रिकेट में टीम के भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। साल 2024 से अब तक उन्होंने श्रीलंका के लिए 1,324 रन बनाए हैं। इस अवधि में उनसे अधिक रन केवल टीम के नए कप्तान कुसल मेंडिस ने बनाए हैं। ऐसे में निसांका के बाहर होने से शीर्ष क्रम पर दबाव बढ़ सकता है। कप्तान मेंडिस के साथ दूसरे बल्लेबाजों को भी जिम्मेदारी उठानी होगी, ताकि टीम को अच्छी शुरुआत मिल सके।
लाहिरू उदारा के लिए यह सीरीज अपने खेल को साबित करने का अच्छा मौका है। वह श्रीलंका की ओर से 5 टेस्ट और 7 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं, लेकिन उन्हें अभी तक एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने का अवसर नहीं मिला है। 32 साल के उदारा ने हाल के मुकाबलों में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। पाकिस्तान के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में उन्होंने केवल 55 गेंदों पर 91 रन बनाए थे। उनके इस प्रदर्शन ने टीम प्रबंधन को प्रभावित किया।
एकदिवसीय क्रिकेट में पदार्पण से पहले उदारा का घरेलू स्तर पर भी अच्छा रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने 97 पारियों में लिस्ट A क्रिकेट खेलते हुए 32.09 की औसत से रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 85.97 रहा है। अब उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह मजबूत करने का मौका होगा।
गौरतलब है कि श्रीलंका को हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में 2-1 से हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में एकदिवसीय त्रिकोणीय सीरीज टीम के लिए वापसी करने और टेस्ट सीरीज से पहले लय हासिल करने का अवसर है। हालांकि, निसांका की कमी पूरी करना आसान नहीं होगा।
सीरीज में श्रीलंका का पहला मुकाबला 18 अक्टूबर को पाकिस्तान से होगा। इसके बाद टीम 22 अक्टूबर को इंग्लैंड, 27 अक्टूबर को पाकिस्तान और 29 अक्टूबर को फिर इंग्लैंड से भिड़ेगी। प्रतियोगिता का फाइनल 31 अक्टूबर को खेला जाएगा, जिसमें अंक तालिका की शीर्ष 2 टीमें आमने-सामने होंगी। श्रीलंका की कोशिश होगी कि चोट की समस्या के बावजूद टीम संतुलन बनाए रखे और मजबूत प्रदर्शन के साथ फाइनल तक पहुंचे।