Srinagar में NC और BJP आमने-सामने, सड़कों पर एक-दूसरे के खिलाफ किया जोरदार प्रदर्शन

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 02, 2026

श्रीनगर, दो सितंबर सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद हुए पहले बड़े राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में बुधवार को सड़कों पर उतरे और एक-दूसरे पर जम्मू-कश्मीर के लोगों से किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकॉ) ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा पूरा न करने का आरोप लगाया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया कि नेकॉ सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करने में नाकाम रही। नेकॉ द्वारा निकाले जा रहे विरोध मार्च को पुलिस ने जवाहर नगर स्थित भाजपा मुख्यालय की ओर बढ़ने से रोक दिया।

पार्टी ने इस दौरान पुलिस पर उसके विधायकों से “बदसलूकी” करने का आरोप लगाया। नेकॉ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “जेकेनेकॉ के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को आगे बढ़ने से रोका गया। लोगों को इसमें शामिल होने से रोका गया और चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ बुरा बर्ताव किया गया।

इसके उलट, जब भाजपा ने सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, तो उन्हें आगे बढ़ने दिया गया। कितनी शर्म की बात है!” नेकॉ विधायक और मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा कि जम्मू कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने के वादे को भाजपा ने पूरा नहीं किया। सादिक ने कहा, “राज्य का दर्जा कहां है?

चुनाव हुए दो साल हो चुके हैं और वह (शर्मा) इस्तीफे की बात करने की हिम्मत कर रहे हैं?” पांच अगस्त 2019 को केंद्र सरकार द्वारा छीने गए राज्य के दर्जे और संवैधानिक गारंटियों को बहाल करने की मांग करते हुए, सादिक ने कहा कि नेकॉ तब तक अपना विरोध जारी रखेगी जब तक “हमसे जो छीना गया था, वह हमें वापस नहीं मिल जाता”। भाजपा ने भी उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर सरकार की कथित “नाकामी” के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। नेकॉ सरकार के खिलाफ विरोध करने के लिए सैकड़ों भाजपा नेता और कार्यकर्ता लाल चौक पर घंटाघर के पास जमा हुए।

प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-कश्मीर सरकार के मुख्यालय, सिविल सचिवालय का घेराव करने की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें हरि सिंह हाई स्ट्रीट के पास रोक दिया। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए कुछ नहीं कर रही है। शर्मा के अनुसार, भाजपा का प्रदर्शन चार प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित था- निष्पक्ष भर्ती के बजाय नौकरियों को ‘‘बेचना’’, स्थानीय निकाय चुनाव नहीं कराना, ‘‘बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार’’ और बिजली दरों में बढ़ोतरी।

शर्मा ने अब्दुल्ला और उनकी पार्टी पर यह आरोप भी लगाया कि वे सिर्फ़ राज्य का दर्जा देने के मुद्दे को दोहराते रहते हैं और कामकाज या प्रशासन पर ध्यान नहीं देते। उमर अब्दुल्ला पर निशाना साधते हुए शर्मा ने सवाल किया कि क्या लोगों ने उन्हें ‘‘राजकुमार की तरह रहने और गुलमर्ग तथा पहलगाम में स्कीइंग करने’’ के लिए चुना था? उन्होंने उमर अब्दुल्ला को चुनौती देते हुए कहा कि वह अपनी गृह विधानसभा सीट गांदरबल से इस्तीफा दें और जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर फिर से चुनाव लड़ें।

शर्मा ने कहा, ‘‘अगर आपमें थोड़ा भी आत्मसम्मान बचा है तो इस मुद्दे (राज्य का दर्जा) पर चुनाव लड़िए। तभी हम इसे आपका मुद्दा मानेंगे।

प्रमुख खबरें

South Africa के दो शहरों में दूषित पानी पीने से 500 से अधिक लोग बीमार

Article 370 हटने के बाद बदल गया पूरा माहौल, Hindu खुलकर मना पा रहे हैं पर्व-त्योहार, Srinagar की सड़कों पर माँ दुर्गा की भव्य शोभायात्रा देखकर सब हैरान

काले सूट पर दुपट्टा डाले ममदानी ने न्यूयॉर्क में भारतीयों के साथ खेला गरबा, इलिनोइस मंदिर हमले के प्रयास के बाद एकता का आह्वान

Mecca Mosque में हुआ अशोभनीय कृत्य क्या था? Saudi Arabia ने दो बांग्लादेशियों को फाँसी पर क्यों लटकाया? Muslim World क्यों हैरान रह गया?