By Ankit Jaiswal | Sep 21, 2026
भारतीय स्टेट बैंक ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल को देखते हुए ग्राहकों से जरूरी शाखा संबंधी काम पहले ही पूरा करने की सलाह दी है। लगातार छुट्टियों और हड़ताल के कारण कई जगह शाखाओं की सामान्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
गौरतलब है कि यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस यानी बैंक कर्मचारी संगठनों के संयुक्त मंच की ओर से बुलाई गई है। इसी मंच ने 11 सितंबर को भी देशभर में हड़ताल की थी। अब सितंबर के आखिरी दिनों में आंदोलन का अगला चरण प्रस्तावित है। इसके अलावा यूनियन मंच ने 26 अक्टूबर से लगातार हड़ताल शुरू करने का भी ऐलान किया है। ऐसे में बैंकिंग सेवाओं पर असर का मुद्दा आने वाले दिनों में भी बना रह सकता है।
प्रस्तावित हड़ताल 28, 29 और 30 सितंबर को होगी। इससे पहले 26 सितंबर को शनिवार और 27 सितंबर को रविवार है। इस वजह से ग्राहकों को 26 सितंबर से 30 सितंबर तक लगातार पांच दिनों तक सामान्य शाखा सेवाओं में सीमित सुविधा मिलने की स्थिति बन सकती है। हालांकि अलग-अलग जगहों पर कर्मचारियों की भागीदारी के आधार पर असर कम या ज्यादा हो सकता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक जरूरी बैंकिंग सेवाओं को चालू रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर रहा है। ग्राहकों के लिए नकद निकालने और कुछ दूसरी सुविधाओं के इस्तेमाल के लिए एटीएम तथा स्वचालित जमा और निकासी मशीनें उपलब्ध रहेंगी। ग्राहक सेवा केंद्रों के जरिए भी चुनिंदा बैंकिंग काम किए जा सकेंगे।
बता दें कि जिन कामों के लिए शाखा जाने की जरूरत नहीं है, उन्हें ग्राहक घर से ही निपटा सकते हैं। इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, योनो और एकीकृत भुगतान प्रणाली यानी यूपीआई के जरिए पैसे भेजने, भुगतान करने और रोजमर्रा के दूसरे बैंकिंग काम किए जा सकते हैं। इससे हड़ताल के दौरान शाखाओं पर निर्भरता कम की जा सकती है।
हालांकि कुछ सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है। जिन कामों में बैंक कर्मचारियों की मदद, कागजी दस्तावेज या शाखा में व्यक्तिगत रूप से पहुंचना जरूरी होता है, उनमें देरी हो सकती है। खासकर चेक से जुड़े काम और शाखा के स्तर पर किए जाने वाले दूसरे जरूरी लेन-देन प्रभावित हो सकते हैं।
एसबीआई ने ग्राहकों से अपील की है कि वे हड़ताल की तारीखों को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी शाखा संबंधी काम समय रहते निपटा लें। वहीं सामान्य भुगतान और धन हस्तांतरण के लिए उपलब्ध डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे में जिन ग्राहकों का कोई जरूरी बैंकिंग काम बाकी है, उनके लिए हड़ताल से पहले उसे पूरा करना बेहतर रहेगा और डिजिटल माध्यमों को तैयार रखना उपयोगी रहेगा हैं।