By अभिनय आकाश | Jul 28, 2026
इजराइल के विपक्षी नेता येर लैपिड ने एक ऐसा बयान दिया है जो भारत की राजनीति को हिला कर रख देगा| इजराइल के विपक्षी नेता का बयान देखने के बाद आपको पता चल जाएगा कि इजराइल हारता क्यों नहीं है। जिस तरह से आजकल भारत में पीएम मोदी के खिलाफ विपक्षी नेता संसद में हंगामा कर रहे हैं। ठीक उसी तरह से इजराइल की संसद में नेतन्याहू के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन चल रहा है। लेकिन इन दोनों ही विरोध प्रदर्शनों का अंतर आपके होश उड़ा देगा। दोनों देशों के विपक्षी नेताओं का विरोध और विरोध करने की मंशा भी आपको हिला देगी। सत्ता में तो भारत और इजराइल दोनों का ही विपक्ष आना चाहता है। दरअसल इजराइल के विपक्षी नेता के एक बयान ने भारत के राजनैतिक सिस्टम की पोल खोल दी है। इजराइल के लीडर ऑफ अपोजिशन येर लेपिड ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू का विरोध किया है। येर लेपिड ने कहा है कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने एक टीवी को इंटरव्यू दिया। लेकिन इस इंटरव्यू में नेतन्याहू ने वह नहीं कहा जो कहना चाहिए था।
इसी विपक्षी नेता ने ईरान जंग के दौरान कहा था कि हम सरकार के साथ खड़े हैं। कुछ समय के लिए इजराइल में अब कोई विपक्ष नहीं है। सब देश हित में एक साथ काम करेंगे। अब आप इसकी तुलना भारत से कीजिए। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत का विपक्ष पीएम मोदी से सवाल कर रहा था कि हमें सबूत चाहिए। सबूत दीजिए कि हम जीते हैं। सबूत दीजिए कि हमारे विमान नहीं गिरे। सेना तत्व पर सवाल खड़े कर दिए गए। बीजेपी की मानें तो हमारे लीडर ऑफ अपोजिशन विदेशों में जाकर भारत के खिलाफ ही बयानबाजी करते हैं। सीक्रेट विदेश यात्राएं करते हैं। आप सोचिए कि नीट पेपर लीक के खिलाफ विपक्षी दलों ने पीएम मोदी के घर के बाहर धरना तक देना शुरू कर दिया। लेकिन जब सरकार पेपर लीक को रोकने के लिए संसद में एक बिल लाई तो भारत के ही विपक्षी दल उस बिल को पास नहीं होने दे रहे।