‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ विश्व को संदेश देता है कि भारत की अखंडता को कोई नष्ट नहीं कर सकता : शाह

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 31, 2021

केवडिया (गुजरात)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे और उन्हें समर्पित ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ दुनिया को एक संदेश देता है कि भारत का भविष्य उज्ज्वल है और देश की एकता और अखंडता को कोई भी नष्ट नहीं कर सकता। सरदार पटेल की जयंती पर गुजरात के नर्मदा जिले के केवडिया में विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ पर जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि ‘भारत के लौह पुरुष’ को भुलाने के प्रयास किए गए।

इसे भी पढ़ें: समाजवादी विधायक राकेश प्रताप सिंह ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया, अनशन पर बैठे

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘‘ ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ विश्व के लिए एक संदेश है कि भारत की एकता और अखंडता को कोई नहीं तोड़ सकता है और भारत की सार्वभौमिता के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकता है। यह सरकार साहेब की प्रेरणा ही थी जिसने देश को एकजुट रखा और यह उनकी प्रेरणा ही होगी जो हमें एक रखेगी और देश को आगे लेकर जाएगी।’’ उन्होंने कहा कि लक्षद्वीप को भारत का हिस्सा बनाने में उनके योगदान की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। शाह ने कहा, ‘‘15 अगस्त को जब भारत को आजादी मिली तो सरदार साहेब ने भारतीय नौसेना के पोत तीर को लक्षद्वीप भेजा। भारतीय नौसेना के वहां तिरंगा फहराने के कुछ घंटे बाद पाकिस्तान पोत भी वहां पहुंचे। लेकिन तब तक वहां तिरंगा लहराया जा चुका था। इस तरह लक्षद्वीप भारत का हिस्सा बन सका और भारत की तटसीमा का एक बड़ा हिस्सा वहां से सुरक्षित है।’’

शाह ने कहा कि केवडिया, जहां 182 मीटर ऊंची ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ की प्रतिमा है, वह स्थान भारत की एकता, राष्ट्रवाद और देशभक्ति का तीर्थस्थल बन गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रतिमा के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि दी है और उन्होंने ही दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा की कल्पना की। उन्होंने कहा कि सदियों में सरदार पटेल जैसे किसी नेता का जन्म होता है जो सदियों तक लोगों को प्रेरित करते हैं। शाह ने कहा, ‘‘एक समय था जब आचार्य चाणक्य ने भारत को एक किया। सदियों बाद सरदार पटेल ने भारत को एक किया। इसी का परिणाम है कि आज भारत दुनिया में अपनी जगह को गर्व के साथ मजबूत कर रहा है।’’

शाह ने कहा कि 31 अक्टूबर को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला सरकार ने इसलिए लिया ताकि भारत की आजादी के लिए सरदार पटेल के संषर्घ और देश को एकजुट करने के उनके प्रयास सदियों तक लोगों को प्रेरित करते रहें।

प्रमुख खबरें

RBI ने Repo Rate नहीं बदला, पर Iran संकट से Indian Economy पर मंडराया खतरा

Crude Oil Price में बड़ी गिरावट, America-Iran में सुलह के संकेतों से दुनिया को मिली राहत

Mumbai Indians की हार पर भड़के Captain Hardik Pandya, बोले- बल्लेबाज नहीं, गेंदबाज जिम्मेदार

Jasprit Bumrah के खिलाफ Guwahati में आया 15 साल के लड़के का तूफान, एक ही ओवर में मारे 2 छक्के