Global Market के दबाव के बीच Stock Market में जोरदार रिकवरी, Nifty 24,330 के पार बंद

By Ankit Jaiswal | Jul 17, 2026

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने शानदार वापसी करते हुए निवेशकों को राहत दी। दुनिया के कई बड़े बाजारों में भारी गिरावट का माहौल रहने के बावजूद घरेलू बाजार मजबूती के साथ बंद हुए। कारोबार के अंत में बंबई शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 964.58 अंकों की तेज बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि राष्ट्रीय शेयर बाजार का निफ्टी 24,330 के स्तर के ऊपर पहुंचकर कारोबार समाप्त करने में सफल रहा।

मौजूद जानकारी के अनुसार अमेरिका में भी बाजार खुलने से पहले दबाव के संकेत मिले। विशेष रूप से प्रौद्योगिकी और सेमीकंडक्टर क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों ने इस क्षेत्र के ऊंचे मूल्यांकन को देखते हुए मुनाफावसूली की, जिससे वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी शेयरों पर दबाव बना रहा।

हालांकि इस वैश्विक कमजोरी का असर भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों पर नहीं दिखा। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयर में करीब तीन प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि टेक महिंद्रा लगभग चार प्रतिशत चढ़ गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर तिमाही नतीजों की उम्मीद और डॉलर में कमजोरी से इस क्षेत्र को समर्थन मिला।

इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में लगभग ढाई प्रतिशत, हिंदुस्तान यूनिलीवर में करीब दो प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा में भी लगभग दो प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इन प्रमुख कंपनियों में खरीदारी से बाजार को मजबूत सहारा मिला और निवेशकों का भरोसा बना रहा।

शेयर बाजार विशेषज्ञ मयंक जैन का कहना है कि शुक्रवार की मजबूत तेजी के बावजूद पूरे सप्ताह के दौरान बाजार सीमित दायरे में ही कारोबार करता रहा। गौरतलब है कि निफ्टी का 24 हजार के ऊपर टिके रहना तकनीकी रूप से सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जिससे बड़ी गिरावट की आशंका फिलहाल कम हुई है।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि 24,500 से 25,600 अंकों का दायरा अभी भी बाजार के लिए मजबूत बाधा बना हुआ है। यदि यह स्तर पार नहीं होता है तो आगे की तेजी सीमित रह सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल सबसे बड़ा जोखिम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमत है। ब्रेंट कच्चे तेल का भाव 85 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से महंगाई बढ़ सकती है, कंपनियों की लागत पर दबाव आ सकता है, राजकोषीय स्थिति प्रभावित हो सकती है और रुपये पर भी असर पड़ सकता है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। यदि इन मोर्चों पर स्थिति बिगड़ती है तो आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि पूरे सप्ताह के आधार पर निफ्टी में लगभग 0.5 प्रतिशत और सेंसेक्स में करीब 0.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है।

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