By रेनू तिवारी | Jan 23, 2026
शेयर बाजार में निवेश करना हमेशा जोखिम के अधीन होता है, और 100 प्रतिशत आपको कोई निश्चित "टिप" नहीं दे सकता जो 100% मुनाफे की गारंटी दे। लेकिन आज यानी 23 जनवरी 2026 की बाजार की हलचल और खबरों के आधार पर, आप इन कंपनियों और सेक्टर्स पर नजर रख सकते हैं जहाँ एक्शन देखने को मिल सकता है। 23 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा माहौल देखने को मिल रहा है। कल की तेजी के बाद आज बाजार में फिर से दबाव नजर आ रहा है।
सेंसेक्स (Sensex): लगभग 750 अंकों की भारी गिरावट के साथ यह 81,500 - 81,600 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है।
निफ्टी 50 (Nifty 50): निफ्टी में भी बड़ी गिरावट देखी गई है और यह 25,200 के महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल के नीचे फिसल गया है।
रुपया (Rupee): अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 91.77 के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर (Record Low) पर पहुँच गया है, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ भारत की सबसे मूल्यवान और विविध व्यवसायों वाली कंपनी है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व में यह कंपनी पेट्रोकेमिकल्स और रिफाइनिंग से आगे बढ़कर अब रिटेल, टेलीकॉम (Jio) और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में अपनी धाक जमा चुकी है। भविष्य की योजनाओं के तहत कंपनी 'ग्रीन हाइड्रोजन' और 'गीगा फैक्ट्रीज' पर भारी निवेश कर रही है, जो इसे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक बेहद भरोसेमंद विकल्प बनाता है। इसकी बैलेंस शीट की मजबूती और लगातार विस्तार की रणनीति इसे बाजार का 'लीडर' बनाए रखती है।
प्राइवेट सेक्टर बैंकिंग में HDFC बैंक भारत का सबसे बड़ा और सबसे विश्वसनीय नाम है। HDFC लिमिटेड के साथ विलय के बाद, यह वैश्विक स्तर पर भी शीर्ष बैंकों की सूची में शामिल हो गया है। बैंक अपनी बेहतरीन एसेट क्वालिटी और कम एनपीए (NPA) के लिए जाना जाता है। मध्यम से लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह शेयर हमेशा से पसंदीदा रहा है क्योंकि यह स्थिर रिटर्न देने और कठिन बाजार स्थितियों में भी मजबूती से टिके रहने की क्षमता रखता है। डिजिटल बैंकिंग के विस्तार के साथ इसकी भविष्य की राह और भी उज्ज्वल दिखती है।
TCS भारत की सबसे बड़ी आईटी (IT) सेवा प्रदाता कंपनी है और टाटा समूह का गौरव है। यह वैश्विक स्तर पर फॉर्च्यून 500 कंपनियों को सॉफ्टवेयर और कंसल्टिंग सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी की सबसे बड़ी ताकत इसका विशाल कैश रिजर्व और नियमित रूप से दिया जाने वाला भारी 'डिविडेंड' (Dividend) है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग के बढ़ते दौर में TCS जिस तरह से नए कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल कर रही है, वह इसे तकनीक क्षेत्र में निवेश के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प बनाता है।
टाटा मोटर्स वर्तमान में भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर की सबसे रोमांचक कंपनी बनी हुई है। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में 70% से अधिक की बाजार हिस्सेदारी के साथ यह कंपनी भविष्य की तकनीक का नेतृत्व कर रही है। नेक्सॉन और पंच जैसी सफल पैसेंजर गाड़ियों के साथ-साथ इसका लक्जरी ब्रांड 'जगुआर लैंड रोवर' (JLR) वैश्विक बाजार में शानदार प्रदर्शन कर रहा है। यदि आप क्लीन एनर्जी और ऑटो सेक्टर की ग्रोथ पर दांव लगाना चाहते हैं, तो यह कंपनी एक बेहतरीन चुनाव साबित हो सकती है।
लार्सन एंड टुब्रो भारत की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है। देश में बनने वाले बड़े पुल, मेट्रो प्रोजेक्ट्स, और पावर प्लांट्स में इस कंपनी की मुख्य भूमिका होती है। भारत सरकार के 'गति शक्ति' मिशन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च का सीधा फायदा L&T को मिलता है। रक्षा क्षेत्र (Defense) में भी इसकी बढ़ती सक्रियता और हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स में निवेश इसे एक मल्टी-सेक्टर पावरहाउस बनाते हैं, जिसका पोर्टफोलियो काफी डाइवर्सिफाइड है।
बाजार जोखिम: शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। यहां कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहता है, जिससे आपकी जमा पूंजी कम हो सकती है या पूरी तरह खत्म हो सकती है। निवेश करने से पहले अपनी जोखिम सहने की क्षमता का आकलन जरूर करें।