Odisha Foundation Day: Odisha के संघर्ष और स्वाभिमान की कहानी, जानिए इसका Glorious History

By अनन्या मिश्रा | Apr 01, 2026

आज यानी की 01 अप्रैल को ओडिशा दिवस मनाया जा रहा है। हर साल यह दिन बड़े ही गर्व और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिन ओडिशा प्रांत के गठन की याद में मनाया जाता है, जोकि कई दूरदर्शी नेताओं के अथक प्रयासों का परिणाम था। यह दिन ऐतिहासिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। क्योंकि यह भारत का पहला राज्य बना, जो भाषाई आधार पर गठित हुआ था। इससे देश में राज्यों के पुनर्गठन की दिशा में एक मिसाल कायम की। यह दिन ओडिशा के लोगों के लिए उनकी पहचान, एकता और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है।

कब मिली थी मंजूरी

वहीं 19वीं सदी के अंत में अलग प्रांत की मांग ने जोर पकड़ा था। जिसका नेतृत्व प्रमुख नेताओं और समाज सुधारकों ने किया। उन्होंने क्षेत्र की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष किया। इनके प्रयासों से सामाजिक और सांस्कृतिक जागरण हुआ, जोकि ओडिशा के अलग प्रांत के रूप में गठन पर जाकर समाप्त हुआ।

फिर 01 अप्रैल 1936 को ब्रिटिश सरकार द्वारा ओडिशा के गठन को मंजूरी मिली। इससे सभी ओडिया भाषी क्षेत्रों को एक प्रशासनिक इकाई के तहत लाया गया। तभी से इस दिन को उत्कल दिवस के रूप में मनाया जाता है। जोकि दृढ़ संकल्प और एकता की जीत का प्रतीक है।

इस दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम, देशभक्ति से जुड़े आयोजन और सरकारी समारोहों का आयोजन किया जाता है। यह दिन ओडिशा के गौरवशाली अतीत को श्रद्धांजलि देने के साथ सामूहिक दृष्टि की भी याद दिलाता है।

प्रमुख खबरें

Dantewada में सुरक्षाबलों ने पकड़ा माओवादियों का छिपाया गया हथियारों और BGL का बड़ा जखीरा

पहाड़ों की राजनीति लेने लगी करवट! Uttarakhand Congress में छिड़ी महाभारत और Harish Rawat के तेवर पार्टी को नुकसान के स्पष्ट संदेश दे रहे हैं

Shivraj Singh Chouhan को थमाई झूठी स्क्रिप्ट, YSRCP ने Proddatur कार्यक्रम पर TDP को घेरा

डर, रहस्य और सीरियल किलर का खौफ, अक्टूबर में आ रही हैं ये 4 दमदार फिल्में-सीरीज