Education Minister के इस्तीफे से ज्यादा छात्रों का भविष्य जरूरी: Sonam Wangchuk ने बताया क्यों बदली अपनी Strategy

By अभिनय आकाश | Sep 01, 2026

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने बताया है कि सरकार के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की अपनी मांग को नरम कर दिया और विरोध कर रहे छात्रों को कानूनी उत्पीड़न से बचाने की शर्त को अपनी भूख हड़ताल खत्म करने के लिए "बिना किसी समझौते वाली" शर्त बना लिया। PGX पॉडकास्ट पर प्रखर गुप्ता से बात करते हुए वांगचुक ने कहा कि 22 जुलाई तक प्रधान का इस्तीफ़ा उनकी पहली प्राथमिकता नहीं रह गया था, क्योंकि उन्हें हिंसा के दूसरे शहरों में फैलने की चिंता होने लगी थी।

'बिना समझौते वाली शर्त' का मतलब कानूनी उत्पीड़न नहीं था

वांगचुक ने कहा कि बातचीत के दौरान उनका ध्यान इस बात पर था कि विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर कोई आपराधिक मामला न चले और न ही उन्हें किसी तरह का कानूनी उत्पीड़न झेलना पड़े। उन्होंने कहा लेकिन मेरी मुख्य बात यह थी कि कोई कानूनी उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।" "इसलिए मैंने इस्तीफ़े की मांग को थोड़ा नरम किया और कहा आप इस्तीफ़े के ज़रिए जवाबदेही तय करने पर विचार कर सकते हैं, लेकिन मेरी बिना समझौते वाली शर्त यह है कि आप कानूनी उत्पीड़न नहीं करेंगे।

प्रमुख खबरें

राजस्थान में युवाओं को साधने के लिए कांग्रेस का जेन-जी फॉर चेंज अभियान शुरू

Queens Park Oval में T20 के धुरंधरों Bravo, Pollard, Narine के नाम हुआ स्टैंड!

Delhi वालों को बड़ी राहत! अब ₹35/Kg मिलेगा प्याज, सरकार का महंगाई पर वार

महुआ मोइत्रा के खिलाफ लोकपाल की याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली