By दिनेश शुक्ल | Mar 16, 2021
इंदौर। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी के पदों पर भर्ती के लिए पीईबी (व्यापमं) द्वारा आयोजित की गई परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर 29 दिनों से आंदोलन कर रहे अभ्यार्थीयों के सब्र का बांध मंगलवार को टूट गया। उन्होंने कलेक्टोरेट तक रैली निकालने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अभ्यार्थीयों का कहना है कि मांगें नहीं मानी गईं, तो 23 मार्च को फांसी दो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान नाराज अभ्यार्थीयों ने सड़क पर बैठकर मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी की।
अभ्यार्थीयों की मांग है कि न केवल परीक्षा की जांच हो, टॉप-10 में आए उन अभ्यार्थीयों की भी अब तक की शिक्षा की जांच हो, जिसमें 10वीं, 12वीं और कॉलेज की मार्कशीट शामिल हैं। आंदोलनकारी कृषि अभ्यार्थी राधे जाट का कहना है, व्यापमं घोटाला पार्ट-2 को लेकर हम जेल भरो आंदोलन कर रहे हैं। 29 दिन से आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार की ओर से कार्रवाई नहीं हुई। सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं। यह आंदोलन इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में भी हो रहा है। 21 हजार 600 बच्चों का भविष्य अधर में है। हमने अपनी ओर से खुद गिरफ्तारी दी है।
वहीं, सीएसपी अनिल सिंह राठौर का कहना है कि 50 से 60 अभ्यार्थी रैली निकालकर कलेक्टोरेट जाना चाह रहे थे। इनके पास परमिशन नहीं थी, इस कारण उनकी गिरफ्तारी कर जिला जेल भेजा गया है। अभ्यार्थीयों की पीईबी द्वारा आयोजित परीक्षा को लेकर मांग थी। इस संबंध में मंत्री भी इनसे मिले थे, जिन्होंने इनसे ज्ञापन लिया था। मामले में जांच चल रही है, इनका कहना है कि लंबा वक्त हो गया है, नतीजा नहीं आया है।