यूक्रेन से लौटे छात्रों ने कहा- किस्मत अच्छी थी जो घर वापस आ गए,भारतीय अधिकारियों को धन्यवाद

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 27, 2022

अहमदाबाद। युद्धग्रस्त यूक्रेन से गुजरात पहले जत्थे में लौटे 56 विद्यार्थियों की आंखों में खुशी के आंसू और चेहरे पर मुस्कुराहट थी। उनके बेचैन माता-पिता ने मुंबई आए बच्चों की आगवानी की। विद्यार्थियों ने यूक्रेन से निकालने के लिए भारतीय अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। गुजरात सरकार ने इन विद्यार्थियों को मुंबई से लाने के लिए दो बसों की व्यवस्था की थी। ये विद्यार्थी रोमानिया की राजधानी बुडापेस्ट से शनिवार शाम को आए विशेष विमान से मुंबई पहुंचे थे। यूक्रेन से लौटे विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए गए थे और उन्हें एअर इंडिया के विशेष उड़ान से स्वदेश लाया गया।

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वास्तव में तभी खुशी होगी जब उन्हें भी सुरक्षित वापस लाया जाएगा।’’ विशेष उड़ान से लौटी सूरत की रहने वाली अरश्वी शाह ने बताया कि वह यूक्रेन के बुकोविनियन शहर में पढ़ाई करने गई थी। शाह ने बताया कि कई विद्यार्थियों को युद्ध शुरू होने तक लग रहा था, यह नहीं होगा। उन्होंने बताया, ‘‘15 फरवरी को भारतीय दूतावास ने हमें यथाशीघ्र यूक्रेन छोड़ने का निर्देश दिया। कई विद्यार्थियों का मानना था कि कई देशों के हस्तक्षेप की वजह से युद्ध नहीं होगा लेकिन जल्द ही युद्ध शुरू हो गया और टिकटों के दाम में बेतहाशा वृद्धि हो गई और कुछ समय के बाद वे भी उपलब्ध नहीं हो रहे थे।’’ शाह ने बताया, ‘‘लेकिन वह भारतीय दूतावास की मदद से यूक्रेन छोड़ने में सफल रहीं।’’ छात्रा ने वडोदरा पहुंचने पर कहा कि गृह राज्य पहुंचने में हमें तीन दिन का समय लगा। हम सुरक्षित पहुंच गए हैं और हम सभी व्यवस्था करने के लिए सरकार के शुक्रगुजार हैं। हम लौटने की कोशिश कर रहे अन्य विद्यार्थियों की सुरक्षित यात्रा के लिए प्रार्थना करते हैं। वडोदरा पहुंचे एक अन्य विद्यार्थी ने बताया कि यूक्रेन से बाहर निकलने के लिए कई विद्यार्थियों को अपने भारी सामान को पांच से छह किलोमीटर या इससे भी अधिक दूरी तक खींचकर चलना पड़ा ताकि रोमानिया की सीमा तक पहुंचा जा सके। उन्होंने बताया, ‘‘सीमा पर उन्हें घंटों बिना भोजन-पानी के इंतजार करना पड़ा।

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