By Ankit Jaiswal | Sep 25, 2026
अइची-नागोया एशियाई खेलों में पहली बार मिक्स मार्शल आर्ट्स को शामिल किया गया है। भारत के लिए सुचिका तारियाल ने इस नई स्पर्धा में इतिहास रचते हुए कांस्य पदक जीता है। 36 वर्षीय सुचिका को सेमीफाइनल में सिंगापुर की टिया हुई हूं के खिलाफ मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वह कांस्य पदक लेकर लौटी हैं और एशियाई खेलों में इस खेल में भारत की पहली पदक विजेता बनी हैं।
उन्होंने कहा कि अगर एक और दौर कराया जाता और उसमें वह हार जातीं, तो वह उस नतीजे को स्वीकार कर लेतीं। लेकिन मुकाबला बराबरी पर घोषित करने के बाद वजन के नियम से फैसला किए जाने को वह स्वीकार नहीं कर सकीं। सुचिका ने इसे बेहद खराब नियम बताया है।
सुचिका ने कहा कि मुकाबले के दौरान उन्हें भरोसा था कि वह जीत की ओर बढ़ रही थीं। उनके अनुसार, यहां तक कि अतिरिक्त 1 मिनट के दौर में भी वह अपनी विरोधी पर दबाव बनाए हुए थीं। उन्होंने दावा किया कि टिया हुई हूं पीछे की ओर जा रही थीं, जबकि वह लगातार उन पर दबाव बनाए हुए थीं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, सुचिका ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि अधिकारियों ने ऐसा फैसला क्यों लिया। उन्होंने इसे सीधे तौर पर धोखाधड़ी नहीं बताया, लेकिन सवाल जरूर उठाया कि जब मुकाबला बराबरी का था तो जीत उन्हें भी दी जा सकती थी। उन्होंने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आया कि उनकी कमी क्या रही, जिसके आधार पर जीत उनकी विरोधी को दी गई।
सुचिका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिंगापुर से जुड़े मिक्स मार्शल आर्ट्स संगठन का जिक्र करते हुए यह भी आशंका जताई कि शायद उसकी वजह से उनकी विरोधी को फायदा मिला हो। उन्होंने कहा कि संभव है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से कोई प्रतिबद्धता रही हो और बाद में उससे पीछे हटना मुश्किल रहा हो। हालांकि, सुचिका ने साफ किया कि वह इसे धोखाधड़ी नहीं कह रही हैं।
उन्होंने कहा कि इस फैसले को खराब किस्मत भी माना जा सकता है। सुचिका ने यह भी बताया कि जब उन्होंने इस मुद्दे को महासंघ के सामने उठाया तो उन्हें बताया गया कि दोनों खिलाड़ी बराबरी पर थीं, लेकिन जीत टिया हुई हूं को दे दी गई। उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में उन्हें भी विजेता घोषित किया जा सकता था।
गौरतलब है कि 36 साल की सुचिका के लिए यह पदक बेहद खास है। उन्होंने कहा कि वह कांस्य पदक जीतकर भी बेहद खुश हैं और यह पदक उनके लिए जिंदगी से भी ज्यादा कीमती है। इसके पीछे उनकी लंबे समय की मेहनत रही है।
बता दें कि मिक्स मार्शल आर्ट्स का एशियाई खेलों में पहली बार आयोजन होने के कारण सुचिका का कांस्य पदक भारतीय खेल इतिहास में खास जगह रखता है। सेमीफाइनल में मिली निराशा के बावजूद उन्होंने भारत को इस खेल में पहला एशियाई खेल पदक दिलाया है और नई स्पर्धा में देश की शुरुआत पदक के साथ हुई है।