पहले केसी त्यागी का इस्तीफा, फिर 8 महीने बाद अचानक नीतीश-तेजस्वी की बंद कमरे में मुलाकात, बिहार में चल क्या रहा है

By अंकित सिंह | Sep 04, 2024

बिहार की राजनीति को समझना हर किसी के बस की बात नहीं है। कुल मिलाकर देखें तो नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जदयू को लेकर कयासों का दौर लगातार जारी रहता है। इन सब के बीच 8 महीने के बाद अचानक पूर्व उपमुख्यमंत्री और वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार से मुलाकात की है। दोनों नेताओं की यह मुलाकात बंद कमरे में पटना सचिवालय में हुई है। करीब 8 महीने के बाद यह स्थिति उत्पन्न हुई है जब दोनों नेताओं की यह मुलाकात हुई है। हालांकि इससे पहले देखा जाए तो बीच में एक वक्त आया था जब दोनों नेताओं की मुलाकात फ्लाइट में हुई थी।

तेजस्वी यादव से भी इस बारे में सवाल किए गए। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने नवीं अनुसूची को लेकर बातचीत की है। तेजस्वी से इसके बाद पूछा गया कि फिर मुख्यमंत्री ने क्या कहा तो उन्होंने कहा कि उनकी ओर से कहा जा रहा है कि मामला कोर्ट में है। नीतीश कुमार के एक प्रमुख सहयोगी ने राज्य के संशोधित आरक्षण कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची में डालने की अपनी मांग पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव द्वारा दबाव डालने का उपहास उड़ाया। वैसे पटना उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने के बाद अब यह कानून अस्तित्व में नहीं है। 

इसे भी पढ़ें: जाति आधारित गणना पर भाजपा- आरएसएस के खिलाफ Lalu Prasad की टिप्पणी, छिड़ा वाकयुद्ध

नीतीश कुमार मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता विजय कुमार चौधरी ने यह भी कहा कि अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण में 50 प्रतिशत से 65 प्रतिशत की वृद्धि को रद्द किये जाने के पटना उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार पहले ही उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटा चुकी है। उन्होंने आश्चर्य जताया कि पूर्व उपमुख्यमंत्री और बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता यादव ने एक सितंबर को इस मुद्दे पर धरना देकर क्या हासिल करने की कोशिश की। 

प्रमुख खबरें

महंगे Recharge से राहत! BSNL के Yearly Plans बने पहली पसंद, पाएं 365 दिन तक Daily Data.

Air India पर दोहरी मार! महंगा Fuel और Pakistan का बंद एयरस्पेस, रोजाना 100 उड़ानें हुईं कम।

West Bengal में Suvendu Govt का Action, Annapurna Bhandar के लिए होगी Lakshmi Bhandar लाभार्थियों की जांच

NEET Scam 2024: एक एजेंसी, दो Exam, अलग सिस्टम क्यों? NTA की पेन-पेपर वाली जिद पर उठे सवाल