ऊपर थे 4 हेलीकॉप्टर, अचानक नीचे से मोदी ने किया इशारा और फिर...

By अभिनय आकाश | Jan 26, 2026

भारतीय वायु सेना ने गणतंत्र दिवस समारोह का भव्य समापन किया, जिसमें सी-295 लड़ाकू विमानों ने आसमान में शानदार उड़ान भरी और भारत की हवाई क्षमताओं की सटीकता, कौशल और शक्ति का प्रदर्शन किया।  वंदे मातरम की धुन कर्तव्य पथ पर और आकाश में ध्वज फॉर्मेशन में 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार एम7 वन वी हेलीकॉप्टर्स इनवर्टेड बाय फॉर्मेशन में उड़ान भरते हुए राष्ट्रीय ध्वज के साथ अपने हेलीकॉप्टर में फॉर्मेशन का नेतृत्व किया। ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत, विंग कमांडर आशुतोष खंडूरी भारतीय सेना के ध्वज के साथ विंग कमांडर अभिषेक मल्होत्रा नौसेना के ध्वज और और भारतीय वायुसेना के ध्वज के साथ उड़ान भरते हुए नजर आए। परमवीर चक्र से सम्मानित सुविधा मेजर ऑनर कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव, पीवीसी सेवानिवृत्त 18 ग्रेनेडियर्स। इनके साथ ऑनर कैप्टन संजय कुमार, पीवीसी 13 जम्मू और कश्मीर राइफल्स। इन्हीं के साथ अपने वाहन में मेजर जनरल सीए पिठावाला सेवानिवृत्त अशोक चक्र और कर्नल डी श्री राम कुमार अशोक चक्र परमवीर चक्र और अशोक चक्र ताज है इन वीरों का। परमवीर चक्र युद्ध में और अशोक चक्र अन्य परिस्थितियों में असाधारण वीरता और सर्वोच्च बलिदान के लिए दिया जाता है।

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यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष और इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर भारत की मुख्य अतिथि उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यह उनके लिए जीवन भर का सम्मान है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होना मेरे लिए जीवन भर का सम्मान है। एक सफल भारत विश्व को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है। और हम सभी को इससे लाभ होता है। गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होना मेरे लिए जीवन भर का सम्मान है। एक सफल भारत विश्व को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है।

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कार्तव्य पथ पर हुई 77 वीं गणतंत्र दिवस परेड में भारत की सैन्य ताकत का भव्य प्रदर्शन किया गया। परेड में आधुनिक रक्षा प्लेटफॉर्म, उन्नत हथियार प्रणालियां और अनुशासित मार्चिग दस्ते शामिल रहे। बख्तरबंद वाहन, मिसाइल सिस्टम, तोपें और स्वदेशी रक्षा परियोजनाएं कार्तव्य पथ से गुजरी, जिससे देश की बढ़ती सैन्य क्षमता साफ झलकी। इसके साथ ही हेलीकॉप्टरों की सटीक उड़ानें और वायुसेना की फॉर्मेशन ने कार्यक्रम को और प्रभावशाली बना दिया। यह पूरा प्रदर्शन भारत के रक्षा आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के संकल्प को दर्शाता है।


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