By अनन्या मिश्रा | Aug 19, 2025
आज यानी की 19 अगस्त को औद्योगिक जगत को बड़ा और सम्मानित नाम सुधा मूर्ति अपना 74वां जन्मदिन मना रही हैं। हाल के वर्षों में सुधा मूर्ति का नाम कई कारणों से सुर्खियों में रहा है। वह एक दमदार पारिवारिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं, लेकिन इसके बाद भी लोग सुधा मूर्ति की सादगी से प्रभावित रहते हैं। उनको इंजीनियर, लेखिका और समाज सेविका के रूप में जाना जाता है। सुधा मूर्ति हमेशा सिंपल साड़ी में नजर आती हैं। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर सुधा मूर्ति के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
बता दें कि सुधा मूर्ति इंजीनियरिंग कॉलेज में 150 स्टूडेंट्स बीच एडमिशन पाने वाली पहली महिला बनी थीं। इसके अलावा जब वह क्लास में प्रथम आईं, तो कर्नाटक के सीएम ने उनको पदक से सम्मानित किया था। बाद में उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस से कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स की डिग्री हासिल की थी।
बता दें कि भारत की सबसे बड़ी ऑटो निर्माता कंपनी टेल्को में सुधा मूर्ति काम करने वाली पहली महिला इंजीनियर बनी थीं। उन्होंने पुणे में विकास अभियंता के तौर पर काम करने के बाद मुंबई और जमशेदपुर में भी काम किया है। वहीं जब उनके पति नारायण मूर्ति ने इंफोसिस फाउंडेशन की स्थापना की, तो सुधा मूर्ति ने अपने पति को 10 हजार रुपए उधार दिए थे। सुधा मूर्ति ने अपनी नौकरी छोड़कर पति की कंपनी शुरू करने में उनकी मदद की थी। सुधा मूर्ति एक फेमस सामाजिक कार्यकर्ता और लेखिका हैं। उन्होंने आठ उपन्यास लिखे हैं।
सुधा मूर्ति को उनके सेवा कार्यों के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने पद्मश्री से सम्मानित किया था। इसके बाद साल 2023 में उनको पद्म भूषण से सम्मानित करने की घोषणा की गई है।