By नीरज कुमार दुबे | Jan 11, 2024
कांग्रेस की ओर से 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण ठुकराये जाने के बाद सत्तारुढ़ भाजपा ने मुख्य विपक्षी दल पर बहिष्कार की राजनीति करने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पहले विपक्ष ने संसद के नये भवन के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार किया, जब जीएसटी लागू किया जा रहा था तब संसद के संयुक्त सत्र का बहिष्कार किया और अब जब 500 सालों बाद राम मंदिर का सपना साकार होने जा रहा है तो प्राण प्रतिष्ठा समारोह का बहिष्कार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस यह सब तुष्टिकरण की राजनीति के चलते कर रही है।
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने साथ ही नेहरू-गांधी परिवार पर हमला बोलते हुए कहा, "जब सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो रही थी, तो जवाहरलाल नेहरू जी ने 24 अप्रैल, 1951 को उस समय सौराष्ट्र के प्रमुख को लिखा था कि 'इस कठिन समय में इस समारोह के लिए दिल्ली से मेरा आना संभव नहीं है। मैं इस पुनरुत्थानवाद से बहुत परेशान हूं, मेरे लिए बहुत कष्टकारक है कि मेरे राष्ट्रपति, मेरे कुछ मंत्री और आप सोमनाथ के इस समारोह से जुड़े हुए हैं और मुझे लगता है कि ये मेरे देश की प्रगति के अनुरूप नहीं है, इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे।"