Sugar Industry को बड़ा झटका! केंद्र ने Export को 'Prohibited' कैटेगरी में डाला, 2026 तक रोक

By Ankit Jaiswal | May 14, 2026

देश में चीनी की उपलब्धता और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने तत्काल प्रभाव से चीनी के निर्यात पर रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध 30 सितंबर 2026 तक या अगले आदेश तक लागू रहेगा। माना जा रहा है कि सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की संभावित कमी और बढ़ती कीमतों की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया है।

बता दें कि इससे पहले चीनी निर्यात “प्रतिबंधित” श्रेणी में था, यानी निर्यात के लिए सरकारी अनुमति जरूरी होती थी। लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत निर्यात पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सरकार का मानना है कि अगले दो वर्षों तक घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देना जरूरी है।

गौरतलब है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में ज्यादा निर्यात होने से देश के भीतर चीनी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है और खुदरा कीमतों में तेजी आ सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है।

सरकार ने हालांकि कुछ मामलों में छूट भी दी है। यूरोपीय संघ और अमेरिका को तय शुल्क कोटा व्यवस्था के तहत चीनी निर्यात जारी रहेगा। इसके अलावा अग्रिम प्राधिकरण योजना के अंतर्गत भी निर्यात की अनुमति दी जाएगी। वहीं अगर किसी देश की सरकार खाद्य सुरक्षा के लिए औपचारिक अनुरोध करती है, तो विशेष अनुमति के आधार पर निर्यात पर विचार किया जा सकता है।

सरकार ने उन निर्यातकों को भी राहत दी है जिनकी खेप पहले से प्रक्रिया में थी। अधिसूचना के अनुसार, यदि चीनी जहाजों पर लोड होना शुरू हो चुकी थी, शिपिंग बिल पहले ही दाखिल हो चुके थे या माल सीमा शुल्क विभाग को सौंपा जा चुका था, तो ऐसे मामलों में निर्यात की अनुमति मिल सकती है।

मंत्रालय ने साफ किया है कि बंदरगाह प्राधिकरण से पुष्टि मिलने के बाद ही ऐसी खेपों को रवाना करने की मंजूरी दी जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों को स्थिर रखने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा हैं। वहीं चीनी उद्योग से जुड़े निर्यातकों और कारोबारियों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि 30 सितंबर 2026 के बाद इस प्रतिबंध को आगे नहीं बढ़ाया गया, तो चीनी निर्यात की नीति फिर से “प्रतिबंधित” श्रेणी में लौट आएगी। यानी भविष्य में दोबारा सरकारी अनुमति के साथ निर्यात शुरू किया जा सकता है।

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