Sugar Price में आई नरमी, सरकार सितंबर से Sugar Mills के लिए लागू करेगी पाक्षिक बिक्री कोटा

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 28, 2026

सरकार ने शुक्रवार को कहा कि चीनी की खुदरा कीमतों में नरमी आनी शुरू हो गई है और मिल स्तर पर कीमतें पिछले कुछ दिनों में करीब 20 प्रतिशत घट चुकी हैं। इसके साथ ही सरकार ने कहा कि घरेलू बाजार में चीनी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और कृत्रिम किल्लत रोकने के लिए सितंबर से मिलों को पखवाड़े के हिसाब से बिक्री कोटा दिया जाएगा। फिलहाल खाद्य मंत्रालय चीनी मिलों को बिक्री के लिए मासिक कोटा आवंटित करता है।

कुछ मामलों में महीने की शुरुआत में मिलों द्वारा बेची गई चीनी की आपूर्ति या खरीदारों द्वारा उठान महीने के अंत में किया जा रहा था। इससे बाजार में कृत्रिम किल्लत की स्थिति पैदा हुई। मंत्रालय ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए सितंबर से पखवाड़े के आधार पर कोटा व्यवस्था लागू की जाएगी।

इसके तहत मिलों को पहले सप्ताह में आवंटित मात्रा की कम-से-कम 40 प्रतिशत चीनी बेचनी होगी और शेष मात्रा अगले सप्ताह में बेचनी होगी। इस पहल से मांग और आपूर्ति की स्थिति पर बेहतर नजर रखने, बाजार परिस्थितियों में बदलाव के अनुरूप तेजी से कदम उठाने और कृत्रिम किल्लत रोकने में मदद मिलेगी। जरूरत पड़ने पर बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त भंडार जारी किया जा सकेगा।

मंत्रालय ने कहा कि मिलों को बिक्री के सात दिन के भीतर चीनी की मिल से आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। पखवाड़ा-आधारित कोटा और सात दिन के भीतर अनिवार्य आपूर्ति से पूरी आपूर्ति श्रृंखला में सुधार होने की उम्मीद है। सरकार ने थोक उपभोक्ताओं से भी कहा है कि वे अपनी परिचालन जरूरतों से अधिक चीनी का भंडार न रखें।

मंत्रालय ने कहा कि घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने हाल में कई कदम उठाए हैं। इनमें 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात की अनुमति और डीलरों एवं पेय पदार्थ विनिर्माताओं जैसे थोक उपभोक्ताओं पर भंडार सीमा लगाना शामिल है। चीनी के निर्यात पर कुछ महीने पहले ही रोक लगाई जा चुकी है।

मंत्रालय ने कहा कि इन कदमों के बाद मिल स्तर पर चीनी की कीमतें हाल के दिनों में करीब 20 प्रतिशत घट गई हैं और खुदरा कीमतों में भी नरमी शुरू हो गई है। आपूर्ति श्रृंखला में कीमतों में बदलाव का असर होने के कारण खुदरा कीमतों में भी जल्द गिरावट आने की उम्मीद है। मंत्रालय ने कहा कि मिल स्तर और खुदरा कीमतों में गिरावट का रुख बताता है कि हाल की तेजी मुख्य रूप से ‘जमाखोरी और सट्टेबाजी’ का नतीजा थी।

उसने कहा कि देश में चीनी की कोई किल्लत नहीं है और घबराकर खरीदारी करने या जरूरत से ज्यादा भंडार रखने का कोई औचित्य नहीं है। अक्टूबर से शुरू होने वाले नए विपणन सत्र 2026-27 के लिए गन्ने की पेराई 15 अक्टूबर से शुरू होगी। अक्टूबर में 10 लाख टन से अधिक चीनी उत्पादन होने की उम्मीद है।

नवंबर में करीब 45 लाख टन उत्पादन का अनुमान है।

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