Sukhbir Singh Badal पर नांदेड़ में कृपाण से हमला हुआ, शिअद ने CBI जांच की मांग की

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 14, 2026

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र के एक गुरुद्वारे में पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हुए ‘कृपाण’ हमले की सीबीआई जांच या उच्च न्यायालय की निगरानी में जांच कराने की मांग की। पार्टी ने इस हमले को ‘‘कायराना हमला’’ करार देते हुए आरोप लगाया कि इसके पीछे ‘पंथक नेताओं’ को निशाना बनाने की बड़ी साजिश हो सकती है। शिअद ने गंभीर खुफिया और सुरक्षा चूक का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष पूरी तरह ठीक हैं और उनका मनोबल ऊंचा है। बादल के रिश्तेदार बिक्रम सिंह मजीठिया समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र में नांदेड़ शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक गुरुद्वारे में एक निहंग द्वारा कृपाण से किए गए हमले में घायल हो गए।

पुलिस ने बताया कि बादल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके दाहिने हाथ में दो-तीन टांके लगाए गए। पुलिस के अनुसार हमलावर की पहचान जसपाल सिंह के रूप में हुई है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। इसने बताया कि सिंह की उम्र 60 से 62 वर्ष के बीच है और वह गुरुद्वारा माता साहिब देवान जी मुगत में सेवादार या स्वयंसेवी के रूप में काम कर रहा था।

बादल पर दोपहर लगभग एक बजकर 45 मिनट पर नांदेड़ से लगभग 15 किलोमीटर दूर गुरुद्वारा के अंदर हमला किया गया। नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) नीलाभ रोहन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “एक निहंग ने गुरुद्वारे के अंदर बादल पर कृपाण से हमला किया। हमलावर को हिरासत में ले लिया गया है।’’ रोहन ने बताया कि जसपाल सिंह के पास वाणिज्य और कानून की डिग्रियां हैं और वह अपने परिवार के साथ पुणे में रहता है।

हालांकि, वह नांदेड़ में अकेला रह रहा था। उन्होंने कहा, “हम उसकी पृष्ठभूमि की जांच कर रहे हैं... शुरुआत में उसने कहा कि वह पंजाब में नशे की समस्या को लेकर नाराज था। लेकिन हमले का वास्तविक कारण विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।

हमें हमलावर के किसी गिरोह से संबंध या आपराधिक पृष्ठभूमि के बारे में भी अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।’’ एक अधिकारी ने बताया कि विशेष सुरक्षा इकाई में तैनात पुलिस अधिकारी संतोष केंद्रे बादल को बचाने के प्रयास में घायल हो गये। घटना की वीडियो में बादल अपने दाहिने हाथ पर कपड़ा लपेटे हुए अस्पताल की इमारत के अंदर जाते हुए दिखाई दिए। बादल को ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है।

हालांकि, उन्हें केवल पंजाब और दिल्ली में ही सीआईएसएफ की सुरक्षा प्राप्त है, जिसमें लगभग 40 जवान तैनात रहते हैं। जब हमला हुआ, उस समय पंजाब पुलिस के जवान उनके साथ मौजूद थे। इससे पहले दिन में, 64 वर्षीय बादल शिअद की सांसद एवं अपनी पत्नी हरसिमरत कौर बादल के साथ नांदेड़ स्थित तख्त श्री हजूर साहिब गए थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बादल के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने हरसिमरत कौर बादल से बात की और उनसे शिअद प्रमुख के स्वास्थ्य की जानकारी ली। बादल ने सात अगस्त को यहां प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी, जिससे पंजाब की इस पार्टी के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के साथ फिर गठबंधन की अटकलें तेज़ हो गईं।

शिअद ने कृषि कानूनों के मुद्दे पर छह साल पहले भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) छोड़ दिया था। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बादल पर हुए हमले की जांच के आदेश दिए हैं।

उन्होंने बादल को फोन कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। सूत्रों ने बताया कि फडणवीस ने नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक से घटना के बारे में जानकारी ली और पुलिस को हमले की वजह की जांच करने का निर्देश दिया। मजीठिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ से फोन पर कहा, “यह पूरी तरह से खुफिया तंत्र की नाकामी है।

हमें यह समझना होगा कि ‘गुरु घर’ पर कोई हमला नहीं करता। ऐसे काम वही लोग करते हैं जो नास्तिक होते हैं।” उन्होंने बताया कि पूरा बादल परिवार 12 से 14 अगस्त तक महाराष्ट्र के दौरे पर है। शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) ने गुरुवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा माता साहिब देवन जी परिसर में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की निंदा की।

एक संयुक्त बयान में शिअद (पुनर सुरजीत) के नेताओं गुरप्रताप सिंह वडाला, सुच्चा सिंह छोटापुर और परमिंदर सिंह ढींडसा ने कहा कि सिख गुरुद्वारे पूरे सिख समुदाय के लिए साझा आस्था स्थल हैं, जहां श्रद्धालु न केवल अपने कल्याण के लिए प्रार्थना करते हैं, बल्कि ‘सरबत दा भला’ (पूरी मानवता के कल्याण) की कामना भी करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे पवित्र स्थान पर आए किसी भी श्रद्धालु पर जानलेवा हमला होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय घटना है। नेताओं ने यह भी चिंता और हैरानी जताई कि जेड-प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त नेता तक कोई हमलावर इतनी आसानी से कैसे पहुंच गया।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा में हुई इस चूक से जुड़ी परिस्थितियों की गहन जांच की जरूरत है। शिअद प्रवक्ता अर्शदीप सिंह क्लेर ने बताया कि निहंग के लिबास में एक व्यक्ति ने बादल पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन शिअद प्रमुख के साथ तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक दिया। क्लेर ने कहा कि चूंकि यह घटना महाराष्ट्र में हुई है, इसलिए राज्य पुलिस हमले की जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि किसकी साजिश के तहत बादल को निशाना बनाया गया।

शिअद के वरिष्ठ नेता विरसा सिंह वाल्टोहा ने पार्टी प्रमुख पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और मामले की गहन जांच की मांग की। उन्होंने कहा, “इसकी गहन जांच होनी चाहिए। इस तरह के हमले के पीछे कौन सी ताकतें हैं...।” अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गडगज ने बादल पर हुए हमले की निंदा की।

उन्होंने कहा कि देश और दुनियाभर से सिख श्रद्धालु गुरुद्वारों में मत्था टेकने और सभी के कल्याण की प्रार्थना करने के लिए आते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से ऐसे पवित्र स्थान पर ऐसी घटना हुई है। इस तरह का कृत्य करने वाला व्यक्ति सिख नहीं हो सकता।’’ उन्होंने कहा कि ऐसी घटना न केवल गुरुद्वारों की गरिमा और पवित्रता को कमजोर करती है, बल्कि सिख समुदाय की छवि को भी गंभीर नुकसान पहुंचाती है।

जत्थेदार ने कहा कि गुरु का सच्चा सिख कभी भी किसी ऐसे सिख पर हमला नहीं कर सकता, जो गुरुद्वारे में मत्था टेकने आया हो। पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने बादल पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। आप की पंजाब इकाई के महासचिव और मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा, ‘‘हम सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं।

इस तरह के हमले नहीं होने चाहिए।’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता आर. पी. सिंह ने बादल पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि हिंसा का ऐसा कृत्य पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने फडणवीस से इस घटना की पूरी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की। सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं नांदेड़ में सुखबीर सिंह बादल जी पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं।

हिंसा का ऐसा कृत्य पूरी तरह अस्वीकार्य है और लोकतांत्रिक समाज में इसकी कोई जगह नहीं है। राजनीतिक मतभेद और असहमतियां लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन हिंसा का सहारा लेना कभी भी उचित नहीं ठहराया जा सकता।’’ भाजपा की पंजाब इकाई के प्रमुख केवल सिंह ढिल्लों और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने महाराष्ट्र के नांदेड़ में बादल पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि हिंसा पूरी तरह से अस्वीकार्य है।

कांग्रेस की पंजाब इकाई के नेताओं ने बादल पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा को किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता। बाजवा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘नांदेड़ में बादल जी पर हुआ हमला बेहद चिंताजनक घटना है, जिसकी कड़ी से कड़ी निंदा की जानी चाहिए।” बाजवा ने मांग की कि निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की जानी चाहिए तथा दोषियों को सजा दी जानी चाहिए।

कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी बादल पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-शप) के विधायक रोहित पवार और शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (शिवसेना-उबाठा) के वरिष्ठ नेता अंबादास दानवे ने बादल पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए मामले की गहन जांच की मांग की। पवार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि बादल पर हुए हमले से महाराष्ट्र को शर्मिंदगी उठानी पड़ी और भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की छवि खराब हुई।

पवार ने कहा, ‘‘नांदेड़ में अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर हुए कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मैं बादल के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।’’ नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने बादल पर हुए हमले की निंदा की। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।

उन पर कई बार हमला हो चुका है और मेरा मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था में कुछ कमी है।’’ यह पहली बार नहीं है जब बादल किसी हमले में बाल-बाल बचे हैं। दिसंबर 2024 में बब्बर खालसा इंटरनेशनल के एक पूर्व आतंकवादी ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर बादल पर गोली चला दी थी। उस व्यक्ति की पहचान नारायण सिंह चौरा के रूप में हुई थी।

मौके पर मौजूद लोगों ने उसे काबू कर पुलिस के हवाले कर दिया था। उस समय बादल पंजाब में शिअद सरकार द्वारा 2007 से 2017 तक की गई ‘‘गलतियों’’ के लिए ‘तनखैया’ घोषित किए जाने के बाद सेवा कर रहे थे।

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