Sukhbir Badal ने Mann Sarkar की कल्याणकारी योजनाओं को पुरानी नीतियों की रीपैकेजिंग बताया

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 23, 2026

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के ‘मान दा मुनाफा’ दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा पंजाबियों को दिए गए सामाजिक कल्याण योजनाओं के लाभों को दोबारा पेश करने के अलावा कुछ नहीं है। बादल ने कहा कि जिन सभी योजनाओं का श्रेय मुख्यमंत्री भगवंत मान ले रहे हैं, वे पूर्ववर्ती शिअद सरकार ने शुरू की थीं। इनमें ‘आटा-दाल’, ‘शगुन’, वृद्धावस्था पेंशन और तीर्थ यात्रा जैसी योजनाएं शामिल हैं।

शिअद अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार ‘आटा-दाल’ योजना के तहत 30 किलोग्राम गेहूं देती थी, जबकि अब इसे घटाकर पांच किलोग्राम कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि इस योजना के साथ-साथ वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या भी कम कर दी गई है। बादल ने कहा कि यह सब कुछ नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि आप सरकार ने 11वीं और 12वीं कक्षा की छात्राओं को मुफ्त साइकिल देने की योजना भी बंद कर दी है। उन्होंने कहा, ‘‘मुफ्त दवा दुकानों को भी बंद कर दिया गया है। गांवों में अब खेल किट वितरित नहीं की जातीं।’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘शिअद सरकार द्वारा स्थापित जिम बंद कर दिए गए हैं।

यहां तक कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने वाले आरओ संयंत्र और सुविधा केंद्र तथा सांझ केंद्र भी बंद कर दिये गये हैं।’’ बादल ने कहा कि लोग ‘‘मान दा मुनाफा’’ नहीं बल्कि ‘‘मान दे कारनामे’’ की चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था की स्थिति ‘पूरी तरह चरमरा गई’ है। उन्होंने कहा कि एक महीने में दो सहायक उप निरीक्षकों (एएसआई) की हत्या हुई है और 20 पुलिस थानों में बम विस्फोट हुए हैं।

शिअद अध्यक्ष ने ‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ पर भी निशाना साधते हुए दावा किया कि वह आप की ‘‘बी टीम’’ के रूप में काम कर रही है। बादल ने आरोप लगाया कि आप शासन में मादक पदार्थों की समस्या बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ऐसा इसलिए है क्योंकि आप नेताओं ने मादक पदार्थ तस्करों को संरक्षण दिया है और पुलिस को उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करने देते, क्योंकि वे तस्करों से ‘मासिक भुगतान’ ले रहे हैं।

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