By अभिनय आकाश | Sep 11, 2026
राजधानी नई दिल्ली के आसमान से जब दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा का विशेष विमान पालम एयरबेस की धरती पर उतरा तो नजारा देखने लायक था। जैसे ही राष्ट्रपति रामा फोसा सीढ़ियों से नीचे उतरे भारतीय परंपरा के मुताबिक उनका जोरदार और भव्य स्वागत किया गया और उसका वीडियो आपके सामने है। केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने आगे बढ़कर जब हाथ मिलाया तो दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति के चेहरे पर एक बड़ी और सहज मुस्कान तैर गई। हाथ जोड़कर नमस्ते करते राष्ट्रपति रामाफोसा की यह मुस्कान सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं थी बल्कि यह भारत और दक्षिण अफ्रीका के ऐतिहासिक अटूट और भावनात्मक रिश्तों की सबसे ताजा तस्वीर और वीडियो है। दिल्ली इस वक्त सज चुकी है। सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद है और दुनिया का ध्यान सिर्फ एक जगह पर टिका है। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 दरअसल 12 और 13 सितंबर को होने वाले इस दो दिवसीय महासम्मेलन के लिए दुनिया भर के राष्ट्रध्यक्षों और शीर्ष राजनायिकों का दिल्ली पहुंचना लगातार जारी है। अब दिल्ली एयरपोर्ट पर दिग्गजों का तांता लगा है। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरील लामा फोसा अपने उच्च स्तरीय डेलीगेशन के साथ दिल्ली पहुंच चुके हैं जो ब्रिक्स के संस्थापक सदस्यों में शामिल हैं। युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलूपो भी राजधानी पहुंची।
जलवायु परिवर्तन, रिन्यूएबल एनर्जी और खाद्य सुरक्षा जैसे संकटों पर ठोस नीति बनाना। बता दें ब्रिक्स अब केवल पांच अक्षरों तक सीमित नहीं है। मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और यूएई के जुड़ने के बाद यह समूह 11 देशों का एक विशाल आर्थिक मंच बन चुका है। अब 11 देशों की महाशक्ति और वैश्विक आंकड़े भी जान लीजिए। तो, इसका पहला पॉइंट है जनसंख्या की ताकत। दुनिया की कुल आबादी का करीब 49.5% हिस्सा ब्रिक्स देशों में रहता है। दूसरा है आर्थिक दबदबा। वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में इस समूह की हिस्सेदारी लगभग 40% के पार पहुंच चुकी है। तीसरा है अंतरराष्ट्रीय व्यापार। दुनिया के कुल मर्चेंडाइज ट्रेड का 26% हिस्सा ब्रिक्स देशों के नियंत्रण में है।