सर्वोच्च न्यायालय ने 433 मामलों में वन भूमि को गैर वन उद्देश्य के लिए परिवर्तित करने की अनुमति दी

By विजयेन्दर शर्मा | Dec 16, 2021

शिमला   राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश दिनांक 9 और 14 दिसम्बर, 2021 द्वारा रिट याचिका (सिविल) संख्या 202 1995 में दिनांक 11 मार्च, 2019 को पारित आदेश में छूट देते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार को वन संरक्षण अधिनियम, 1980 तथा अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत 433 मामलों में वन भूमि को गैर-वन उद्देश्य के लिए परिवर्तित करने की अनुमति दी है।

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उन्होंने कहा कि एफआरए 2006 के तहत परियोजनाओं में 13 सामुदायिक केंद्र, 268 सड़क परियोजनाएं, 11 स्कूल, 19 पेयजल आपूर्ति योजनाएं और पानी की पाइपलाइन, 5 लघु सिंचाई नहर या वर्षा जल संचयन संरचनाएं, 10 स्वास्थ्य संस्थान, तीन कौशल उन्नयन और व्यावसायिक परियोजना प्रशिक्षण केंद्र और एक उचित मूल्य की दुकान के मामले शामिल हैं।

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