By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 03, 2026
नयी दिल्ली, तीन अगस्त उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि जहां भी सड़क हो, वहां पैदल यात्रियों के लिए उचित रूप से चिह्नित और अतिक्रमण-मुक्त स्थान सुनिश्चित किया जाए। न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज से कहा कि वह संबंधित अधिकारियों को निर्देश दें कि पैदल यात्रियों के लिए निर्धारित स्थान पर किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं हो और उसे मोटर वाहनों के मार्ग से स्पष्ट रूप से अलग रखा जाए। पीठ ने कहा, ‘‘बिना किसी बड़े निवेश या निर्माण कार्य के भी यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि पैदल यात्रियों के लिए स्थान का स्पष्ट सीमांकन हो।
शीर्ष अदालत ने 19 जून को एक अहम फैसले में कहा था कि सीमांकित फुटपाथ पर चलने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है। अदालत ने कहा था कि सीमांकित मार्गों पर मोटर वाहनों के स्थान पर पैदल यात्रियों के अधिकार को प्राथमिकता दी जाएगी और यह अनुच्छेद 19 (1) (घ) के तहत गारंटीकृत आवागमन के अधिकार एवं अनुच्छेद 21 (जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार) सहित अन्य मौलिक अधिकारों का हिस्सा है।