By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 06, 2026
उच्चतम न्यायालय ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां रानी कपूर और पत्नी प्रिया कपूर के बीच पारिवारिक न्यास को लेकर जारी विवाद में बृहस्पतिवार को कहा कि मध्यस्थता की प्रक्रिया ‘‘काफी संतोषजनक’’ ढंग से बढ़ रही है और उसे ‘‘उम्मीद’’ है कि यह विवाद आपसी सहमति से सुलझा लिया जाएगा। न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने मध्यस्थ की ओर से दाखिल शुरुआती मध्यस्थता रिपोर्ट पर गौर किया। पीठ ने कहा, ‘‘हमने देखा है कि अबतक मध्यस्थता की प्रक्रिया छह सत्रों में हुई है।
पीठ ने कहा, ‘‘...(संबंधित) पक्षों को खुले मन और दिल से मध्यस्थ के पास जाना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे किसी लंबे कानूनी विवाद में न फंसें। मध्यस्थता को बढ़ने दें, हम एक और रिपोर्ट का इंतजार करेंगे।’’ न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया कि मध्यस्थ की फीस का भुगतान ‘‘आर.के. फैमिली ट्रस्ट’’ से किया जाए और इस संबंध में आगे कोई बहस नहीं होनी चाहिए। पीठ ने संबंधित पक्षों से कहा, ‘‘अगर मध्यस्थता विफल हो जाती है, तो हम आप सभी को कानून के अनुसार आगे बढ़ने की अनुमति देंगे, लेकिन ऐसा दिन न आने दें।’’ इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने इस विवाद में मध्यस्थ के तौर पर काम करने के लिए भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ को नियुक्त किया था।
शीर्ष अदालत ने 27 अप्रैल को संजय कपूर की मां की ओर से दायर उस मुकदमे पर प्रिया कपूर और अन्य से जवाब मांगा, जिसमें फ़ैमिली ट्रस्ट को ‘‘अमान्य’’ घोषित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। सुनवाई के दौरान, शीर्ष अदालत ने संबंधित पक्षों से ‘फ़ैमिली ट्रस्ट’ से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थता का रास्ता तलाशने को भी कहा था। इंग्लैंड में पोलो मैच के दौरान गिर जाने के बाद 12 जून, 2025 को संजय कपूर का निधन हो गया था।
बताया जा रहा है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। अभिनेत्री करिश्मा कपूर के दोनों बच्चों की ओर से अपने दिवंगत पिता की कथित वसीयत की प्रामाणिकता को चुनौती देने वाली एक याचिका भी दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित है, जिसमें बच्चों ने प्रिया कपूर पर ‘लालची’ होने का आरोप लगाया है।