प्रदूषण पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट, केंद्र और दिल्ली सरकार को लगाई फटकार

By निधि अविनाश | Nov 17, 2021

दिल्ली-एनसीआर में तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण के मामले में सुप्रीम कोर्ट में केन्द्र सरकार ने वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने से इनकार कर दिया है। केन्द्र सरकार ने कहा कि, प्रदूषण को कम करने के लिए कार पूलिंग की सुविधा को लागू कर सकते है। आपको बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र और दिल्ली सरकार को अपने कर्मचारियों से वर्क फॉर्म होम की सुविधा देने के निर्देश दिए थे जिससे सड़को पर वाहनों में कटौती हो सकेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने लताड़ा

सुप्रीम कोर्ट ने आलोचना करते हुए कहा कि, दिल्ली में 5, 7 सितारा होटलों में बैठे लोग आलोचना करते हैं कि वे प्रदूषण में 4, 30 या 40% का योगदान कैसे करते हैं। क्या आपने किसानों की प्रति जोत की कमाई देखी है? सीजेआई का कहना है कि हम इस तथ्य की अनदेखी करते हैं कि प्रतिबंध के बावजूद पटाखे क्यों जल रहे हैं? सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली सरकार से वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के कदमों के बारे में पूछे जाने पर; दिल्ली सरकार ने कहा कि दिन-रात गश्त के साथ निर्माण स्थलों पर सख्ती से नजर रखी जा रही है और एंटी स्मॉग गन लगाई गई है और धूल विरोधी अभियान भी चलाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सराकर से सवाल करते हुए कहा कि, साफ-साफ बताए कि कितनी सफाई मसीन लगाई गई है? दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वह स्वीपिंग मशीन खरीदने के लिए कोई भी राशि देगी। 

यह पूछे जाने पर कि क्या सीएनजी बसों की आपूर्ति बढ़ाना संभव है, दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि वह मेट्रो और बस की फ्रीक्वेंसी बढ़ा सकती है। वाहनों के प्रदूषण पर, एसजी ने एससी को सूचित किया कि आयोग ने राज्य अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को चलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

प्रमुख खबरें

Prabhasakshi NewsRoom: India की Long Range Land Attack Cruise Missile किन किन देशों तक जाकर तबाही मचा सकती है?

INDIA ब्लॉक में ज़हर किसने घोला? DMK का कांग्रेस पर सीधा वार, राहुल गांधी को बताया अपरिपक्व

Health Tips: Prostate Cancer बन रहा Silent Killer, शर्म और अनदेखी बन रही जानलेवा वजह, जानें Doctors Warning

क्यों लगा Telegram पर अस्थायी Ban? NEET एग्जाम में Paper Leak रोकने के लिए सरकार का मास्टरस्ट्रोक!