फर्जी वोटिंग पर लगेगी लगाम? Supreme Court ने Biometric सिस्टम पर केंद्र, चुनाव आयोग से मांगा जवाब

By अभिनय आकाश | Apr 13, 2026

सर्वोच्च न्यायालय ने मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान रोकने के लिए उंगली और आंखों की पुतली से बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली लागू करने की मांग वाली याचिका पर भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई), केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी किया। यह याचिका भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दायर की थी। यह नोटिस भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची सहित दो न्यायाधीशों की पीठ ने जारी किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में चल रहे विधानसभा चुनावों के संदर्भ में इस याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता।

इसे भी पढ़ें: Supreme Court से लालू यादव को बड़ा झटका, Land for Jobs Scam में FIR रद्द करने से इनकार

असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान 9 अप्रैल को एक ही चरण में हुआ, जबकि तमिलनाडु में मतदान 23 अप्रैल को होगा। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा: 23 और 29 अप्रैल। सभी राज्यों के चुनाव आयोग 4 मई को परिणाम घोषित करेंगे। उपाध्याय ने अपनी याचिका में कहा था, नागरिकों को होने वाला नुकसान बहुत बड़ा है क्योंकि रिश्वतखोरी, अनुचित प्रभाव, प्रतिरूपण, नकली मतदान और फर्जी मतदान अभी भी चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता और अखंडता को प्रभावित करते हैं।

प्रमुख खबरें

उदयनिधि स्टालिन ने TVK पर चुनावी वादे न निभाने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया

Rajeev Chandrasekhar का राहुल गांधी पर हमला, पीएम मोदी और चुनाव आयोग से माफी की मांग की

LPU Phagwara: सोशल मीडिया पर दुष्कर्म की अफवाह के बाद छात्रों का उग्र प्रदर्शन

Mumbai में विसर्जन शोभायात्रा के दौरान 107.8 डेसीबल पहुंचा ध्वनि स्तर, Awaaz Foundation ने उठाए सवाल