By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 27, 2026
नयी दिल्ली, 27 जुलाई उच्चतम न्यायालय सोमवार को केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी की उस याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया, जिसमें उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में अपने निर्वाचन से जुड़े केरल उच्च न्यायालय के एक आदेश को चुनौती दी है। उच्च न्यायालय ने त्रिशूर सीट से उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज करने से इनकार कर दिया गया था। न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने त्रिशूर के रहने वाले एवं ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के नेता बिनॉय ए.एस. को नोटिस जारी किया है, जिन्होंने गोपी के निर्वाचन को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
हालांकि, उच्च न्यायालय ने गोपी की याचिका को इस आधार पर खारिज कर दिया कि चुनाव याचिका में लगाए गए आरोपों पर सुनवाई की जरूरत थी। बिनॉय ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि गोपी, उनके चुनाव एजेंट और उनके सहयोगियों ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123 के तहत भ्रष्ट तरीके अपनाए। उन्होंने आरोप लगाया कि गोपी ने मतदाताओं को लुभाने के लिए धार्मिक प्रतीकों का गलत इस्तेमाल किया, वोट हासिल करने के लिए मोबाइल फोन जैसे तोहफे देने का वादा किया, और सोशल मीडिया पर पोस्ट किये गए वीडियो में उन्हें मतदाताओं को पैसे का लालच देते हुए दर्शाया गया।
अभिनेता से राजनीतिक नेता बने गोपी 2024 के लोकसभा चुनावों में केरल में सात दशक से अधिक समय से चले आ रहे भाजपा के राजनीतिक सूखे को खत्म करते हुए पार्टी के लिए ऐतिहासिक जीत हासिल की। उन्होंने त्रिशूर सीट पर 74,686 मतों के अंतर से जीत हासिल की।