By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 19, 2026
उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को केंद्र सरकार से एक ऐसी प्रायोगिक परियोजना लागू करने के अपने निर्देश पर अमल करने को कहा, जिसके तहत पेट्रोल पंप पर उन वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाए, जिनके पास वैध बीमा नहीं है। शीर्ष अदालत ने चार अगस्त को सुनाए गए एक अहम फैसले में बड़ी संख्या में वाहनों के थर्ड-पार्टी बीमा के बिना सड़कों पर चलने पर गंभीर चिंता जताई थी और केंद्र सरकार को ऐसी प्रायोजिक परियोजना तैयार करने का निर्देश दिया था, जिसके तहत वैध बीमा नहीं होने पर पेट्रोल पंप पर ऐसे वाहनों को ईंधन देने से इनकार किया जा सके। न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने बुधवार को इस मामले पर सुनवाई की।
पीठ ने कहा, “आप प्रायोगिक परियोजना शुरू करें।” उसने केंद्र के वकील से उच्चतम न्यायालय के चार अगस्त के फैसले में दिए गए निर्देशों पर अमल के लिए एक ठोस प्रस्ताव पेश करने को भी कहा, जिसमें समय-सीमा शामिल हो। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त के लिए तय की। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क हादसों की संख्या और टोल प्लाजा पर लंबी कतारों के प्रभाव पर भी ध्यान दिया था।
उसने केंद्र को कुछ चुनिंदा गलियारों में ऐसी प्रायोगिक परियोजनाएं लागू करने का निर्देश दिया था, जिनके तहत टोल प्लाजा पर वाहनों को रोकने के बजाय टोल बिंदुओं से गुजरने वाले वाहनों की स्वचालित पहचान की व्यवस्था की जाए।