By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 15, 2026
उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को मद्रास उच्च न्यायालय के उस निर्देश पर रोक लगा दी, जिसमें तंजावुर स्थित सरकारी जमीन से ‘षणमुगा आर्ट्स, साइंस, टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च एकेडमी’ (एसएएसटीआरए) को बेदखल करने का आदेश दिया गया था।
राज्य सरकार की ओर से पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी कर रहे हैं। पीठ ने राज्य सरकार से सार्वजनिक शैक्षणिक संस्थानों के मामलों से ‘संवेदनशीलता’ से निपटने का निर्देश दिया, साथ ही कहा कि जब तक समिति अभ्यावेदन पर निर्णय नहीं लेती, तब तक संस्थान के कामकाज में कोई बाधा नहीं डाली जाए।
हालांकि, पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण को प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता। पीठ ने विश्वविद्यालय को अंतरिम राहत देते हुए कहा, ‘‘यह भूमि दशकों से एक विश्वविद्यालय द्वारा सार्वजनिक कार्य में उपयोग में लाई जा रही है। राज्यों को ऐसे संस्थानों से निपटते समय संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।’’ यह अंतरिम आदेश विश्वविद्यालय द्वारा 9 जनवरी के मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए दायर अपील पर पारित किया गया।