By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 13, 2026
उच्चतम न्यायालय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ 2019 में दिए गए एक बयान को लेकर महाराष्ट्र की अधीनस्थ अदालत में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ जारी मानहानि मामले की आगे की कार्यवाही पर मंगलवार को रोक लगा दी। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता एम.एच. श्रीश्रीमल को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। मुंबई उच्च न्यायालय के आठ सितंबर के आदेश को चुनौती देने वाली राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत की पीठ ने निर्देश दिया, ‘‘जारी किए गए नोटिस का चार सप्ताह में जवाब दाखिल करें।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गिरगांव मजिस्ट्रेट के 28 अगस्त, 2019 के उस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ दायर श्रीश्रीमल की शिकायत पर आपराधिक प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया गया था। हालांकि, उच्च न्यायालय ने मजिस्ट्रेट को शिकायत पर सुनवाई छह सप्ताह के लिए बढ़ाने का निर्देश देने के 2021 के अपने आदेश को जारी रखा ताकि गांधी उच्चतम न्यायालय में अपील कर सकें। शिकायतकर्ता श्रीश्रीमल ने उच्च न्यायालय में राहुल की याचिका का विरोध करते हुए दावा किया था कि भाजपा का सदस्य होने के नाते वह भी अपने नेता के खिलाफ की गई टिप्पणी से व्यथित हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने 20 सितंबर 2018 को राजस्थान में एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को लेकर यह टिप्पणी की और उनका अपमान किया था। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि राहुल के बयान भाजपा के सभी सदस्यों और प्रधानमंत्री मोदी से जुड़े सभी भारतीय नागरिकों पर सीधे तौर पर आरोप लगाने के समान थे।