By अभिनय आकाश | Oct 03, 2024
सुप्रीम कोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की आलोचना करते हुए कहा कि इसने पराली जलाने से रोकने के लिए अपने ही निर्देशों को लागू करने का कोई प्रयास नहीं किया। सीएक्यूएम ने पराली जलाने की घटनाओं के खिलाफ एक भी मुकदमा नहीं चलाया है। न्यायमूर्ति अभय श्रीनिवास ओका ने कहा कि किसी भी कारण से कोई भी सीएक्यूएम के आदेशों के उल्लंघन के लिए लोगों पर मुकदमा नहीं चलाना चाहता। सब जानते हैं कि चर्चा के अलावा कुछ नहीं हो रहा है। यही इसकी कड़वी सच्चाई है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश करनी चाहिए कि पराली जलाने के वैकल्पिक उपकरणों का इस्तेमाल जमीनी स्तर पर हो। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग प्रदूषण और पराली जलाने से रोकने के लिए उठाए गएकदमों को लेकर बेहतर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करे। अपने आदेश में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि वह यह नहीं कह सकता कि आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की है, लेकिन वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह, जो न्यायालय की सहायता कर रही हैं, से सहमत है कि आयोग ने अपेक्षित तरीके से काम नहीं किया है।