By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 03, 2020
मुंबई। मुंबई पुलिस ने बंबई उच्च न्यायालय को बताया कि दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की बहनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना उसका कर्तव्य था, क्योंकि अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत ने ‘‘अपराध होने का खुलासा’’ किया। शहर पुलिस ने अदालत में सोमवार को एक शपथ पत्र दायर किया, जिसमें राजपूत की बहनों- प्रियंका सिंह और मीतू सिंह की याचिका खारिज करने का अनुरोध किया गया है। राजपूत की बहनों ने कथित धोखाधड़ी और अपने भाई के लिए दवाइयों का फर्जी पर्चा बनाने को लेकर दर्ज प्राथमिकी खारिज करने का अनुरोध किया है।
हलफनामे में दावा किया गया कि शिकायतकर्ता (चक्रवर्ती) के अनुसार, याचिकाकर्ता ने दिल्ली के एक डॉक्टर की मदद से फर्जी मेडिकल पर्चा भेजा जिसमें राजपूत को घबराहट दूर करने वाली दवाइयां देने की बात की गई थी। पुलिस ने हलफनामे में कहा कि इसकी मदद से चिकित्सक द्वारा राजपूत की असल में जांच किए बिना संभवत: मन:प्रभावी पदार्थ दिए गए और राजपूत की आत्महत्या में संभवत: इसका भी हाथ था। हलफनामे में कहा गया, ‘‘सूचना मुहैया कराने वाला यह विवरण संज्ञेय अपराध का खुलासा करता है, जिसकी जांच की आवश्यकता है।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘ इसलिए मुंबई पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने के लिए बाध्य थी।’’ इसमें कहा गया है कि प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार प्राथमिकी संबंधी सभी प्रासंगिक दस्तावेज सीबीआई को भेजे।
पुलिस ने सीबीआई के इस रुख का विरोध किया कि उसे उसी मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं करनी चाहिए, जिसकी जांच केंद्रीय एजेंसी पहले से ही कर रही है। हलफनामे में कहा गया है, ‘‘सीबीआई जिस मामले की जांच कर रही है, वह बिहार में मृतक के पिता ने दर्ज कराया था।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘दूसरी ओर, रिया चक्रवर्ती की शिकायत पर मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज की गई शिकायत में सुशांत सिंह राजपूत की बहनों प्रियंका, मीतू और चिकित्सक तरुण कुमार के खिलाफ फर्जीवाड़े, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र को लेकर जांच की मांग की गई है।’’ उसने कहा कि अब यह सीबीआई को फैसला करना है कि वह दोनों प्राथमिकियों की जांच करे या उचित रिपोर्ट दायर करे। न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की पीठ बुधवार को मामले को लेकर आगे की सुनवाई करेगी।