By अंकित सिंह | Oct 06, 2026
पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर को हिरासत में लिए जाने पर बात करते हुए कहा कि चुनाव के नियम सभी जन-प्रतिनिधियों पर एक समान लागू होते हैं। अधिकारी ने ज़ोर देकर कहा कि अपने तय इलाके से बाहर किसी दूसरे पोलिंग बूथ में जाना नियमों का उल्लंघन है और इस पर चुनाव आयोग कार्रवाई कर सकता है। अपना वोट डालने के बाद अधिकारी ने कहा कि आज मैं भी... वे मुझे भी हिरासत में ले सकते थे। हमारे पास सुरक्षा कवर है, है ना? हम सुरक्षा प्राप्त लोग हैं—विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री, सभी। क्या उन्हें बूथ से बाहर जाने की इजाज़त है? वह अपने बूथ से बाहर गए और कामकाज में दखल दिया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि राजनेताओं को मिली सुरक्षा उन्हें वोटिंग के नियमों का पालन करने से छूट नहीं देती।
अधिकारी ने चुनाव संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करने की बात भी दोहराई और कहा कि वह अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर के इलाकों में नहीं जाते हैं कि मैंने इस बूथ पर वोट डाला। वोट डालने के बाद, मैं यहाँ अपने किराए के घर और ऑफ़िस में थोड़ी देर रुकूँगा। मैं चाय पीऊँगा और कोलकाता के लिए निकल जाऊँगा। अगर मैं किसी दूसरे बूथ पर जाता हूँ, तो वे मुझे वहाँ भी हिरासत में ले लेंगे। यही कानून है। अब अगर मैं किसी दूसरे बूथ पर जाकर कहूँ कि मैं पुलिस पर हमला करूँगा, तो क्या यहाँ कानून कमज़ोर है या क्या?
नंदीग्राम में हुए विकास कार्यों का श्रेय अधिकारी ने खुद लिया और उस इलाके के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम में जो भी विकास हुआ है, वह मेरी वजह से हुआ है। आने वाले दिनों में मुझे काम करने के और मौके मिलेंगे। मैं CM हूँ, और मैंने घोषणा की है कि मैं भवानीपुर से MLA बनूँगा, और मरते दम तक नंदीग्राम वार्ड का वोटर बना रहूँगा। मैं यहाँ सेवा और समर्पण का काम जारी रखूँगा। इस बूथ पर मेरा नाम है, और यह भविष्य में भी यहीं रहेगा। इस बूथ की वोटर लिस्ट में मेरा नाम जीवन भर रहेगा। वहीं, बेलडांगा के SDPO आनंदजीत होरे ने बताया कि रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में वोटिंग के दौरान कानून तोड़ने के आरोप में AJUP प्रमुख और MLA हुमायूँ कबीर को हिरासत में लिया गया। रेजीनगर पुलिस ने कबीर को मुर्शिदाबाद में उनके पार्टी ऑफिस से हिरासत में लिया।