By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 02, 2026
नंदीग्राम, दो अक्टूबर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को दावा किया कि 2021 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान नंदीग्राम में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पैर में लगी चोट ‘‘फर्जी’’ थी और दावा किया कि इसे साबित करने के लिए उनके पास दस्तावेजी सबूत हैं। शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम-दो विकासखंड के बिरुलिया बाजार में एक सभा को संबोधित कर थे। यही वह स्थान है जहां पांच साल पहले बनर्जी घायल हुई थीं।
अब वह कागज मेरे पास है। उस समय वह (ममता बनर्जी) मुख्यमंत्री थीं। उनके डॉक्टरों ने लिखा था, ‘कोई फ्रैक्चर नहीं है।’ ’’ नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार हसीरानी रथ के समर्थन में प्रचार कर रहे शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि बनर्जी जिस वाहन में यात्रा कर रही थीं, उसका खुला दरवाजा सड़क किनारे स्थित लोहे के एक खंभे से टकराकर वापस उनकी ओर आ गया था, जिससे उनके पैर में ‘‘मामूली चोट’’ लगी थी।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने आरोप लगाया कि उन्होंने (ममता) ठीक पैर पर पट्टी बांध ली और इस घटना का इस्तेमाल पूरे नंदीग्राम को बदनाम करने के लिए किया। अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर मुझे कभी चुनौती दी गई तो मैं इसे सार्वजनिक कर दूंगा। मैं अब पुलिस मंत्री भी हूं।
उन्होंने पूरे बिरुलिया इलाके और इस क्षेत्र का अपमान किया। सीआईडी ने उस घटना के सिलसिले में हमारे स्थानीय नेताओं को बार-बार तलब किया था। मैं इनमें से कुछ भी नहीं भूला हूं।’’ पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 10 मार्च, 2021 को चुनाव प्रचार के दौरान नंदीग्राम के बिरुलिया के रेयापाड़ा इलाके में बाएं पैर और कमर में गंभीर चोट लगी थी।
बनर्जी ने शुरू में कहा था कि कुछ अज्ञात लोगों ने जानबूझकर उन्हें उनकी खुली कार के दरवाजे की ओर धक्का दिया, जिससे दरवाजा उनके बाएं पैर पर जोर से लगा और भारी भीड़ के बीच उनका पैर कुचल गया। बाद में अस्पताल से जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने बताया था कि समर्थकों का अभिवादन करते समय बड़ी संख्या में लोग उनकी कार के पास आ गए थे, जिससे उनका पैर कुचल गया और उन्हें चोट लगी। चिकित्सकीय जांच में उनके बाएं टखने और पैर की हड्डी तथा लिगामेंट में गंभीर चोट की पुष्टि हुई थी।
इसके अलावा, उनके दाएं कंधे, बांह, गर्दन और कमर में चोट के निशान और दर्द था। उन्हें तुरंत कोलकाता वापस लाया गया और राज्य सरकार द्वारा संचालित एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। विस्तृत जांच के बाद बनर्जी को 12 मार्च को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।
उनके बाएं पैर पर प्लास्टर लगा था और इसके बावजूद उन्होंने बाद में व्हीलचेयर पर बैठकर चुनाव प्रचार जारी रखा था। तृणमूल कांग्रेस ने उस विधानसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज की थी। पार्टी ने 294 में से 216 सीट पर जीत हासिल की थी, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 77 सीट तक सीमित रह गई थी।