By एकता | Oct 18, 2026
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के घायलों से रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपोलो अस्पताल में मुलाकात की। हादसे में 19 लोगों की मौत हुई है, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है और वे फिलहाल पुलिस की हिरासत में हैं। 25 घायलों में से दो अभी आईसीयू में हैं, जबकि बाकी 23 को इलाज के बाद छुट्टी देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।" उन्होंने बताया कि राज्यपाल और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह मुख्य सचिव, पुलिस आयुक्त, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य अधिकारियों की मदद से पूरे मामले पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा, "पूरी सरकार इस मामले में सक्रिय रूप से काम कर रही है। हम त्योहार नहीं मना रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी कुछ पोस्ट नहीं कर रहे हैं। हम प्रेस के सामने किसी दूसरे पर आरोप लगाने वाले बयान भी नहीं दे रहे हैं।"
सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाने का फैसला किया गया है। यह जांच एक मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में होगी। उन्होंने कहा, "एक एसआईटी भी बनाई जा रही है, जो मौजूदा न्यायाधीश के नेतृत्व में काम करेगी। मुख्य सचिव कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखेंगे। अगर अनुमति मिलती है तो हम जल्द से जल्द एसआईटी का गठन करेंगे।"
रविवार की बैठक में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था और पारंपरिक नावों के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "बैठक में नदी किनारे विसर्जन के दौरान सावधानी बरतने और पारंपरिक, बिना मोटर वाली नावों के इस्तेमाल पर चर्चा हुई। हाल की घटना के बाद जरूरी सावधानी बरतनी होगी। सभी लोग पूजा के उत्सव में शामिल हैं, लेकिन लोगों की सुरक्षा सबसे जरूरी है।" उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में संभावित कमियों की भी समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भगदड़ में जान गंवाने वाले 19 लोगों में से 18 पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे। उन्होंने कहा कि हर प्रभावित परिवार के साथ नागरिक प्रशासन, पुलिस और स्थानीय विधायक के प्रतिनिधियों की एक टीम रहेगी। यह टीम अंतिम संस्कार की रस्म पूरी होने तक परिवार के साथ रहकर उन्हें जरूरी मदद देगी।
विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि लोगों ने पहले की बड़ी घटनाओं के दौरान सरकारों की प्रतिक्रिया देखी है। उन्होंने कहा, "अक्टूबर 2025 के पहले सप्ताह में भारी बारिश के दौरान 13 लोगों की मौत हुई थी और इसके बाद दार्जिलिंग में हुई आपदा में 100 लोगों की जान गई थी। उन्होंने क्या किया? लोगों को पता है कि क्या हुआ था।"
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के काम का बचाव करते हुए कहा, "क्या आपने कभी किसी मुख्यमंत्री को पूरी रात अस्पताल में रहते देखा है? क्या आपको अपने अनुभव में ऐसी कोई घटना याद है? पूरी सरकार यहां मौजूद थी।"
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि जांच एक मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में होगी और रिपोर्ट आने के बाद उसे सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने कहा, "जब न्यायाधीश की सिफारिशें मिल जाएंगी, तो मैं उन्हें सार्वजनिक करूंगा। पिछली सीपीएम और तृणमूल कांग्रेस सरकारों के दौरान बनाए गए आयोगों की रिपोर्ट कभी सार्वजनिक नहीं की गईं। मैं वादा करता हूं कि समिति की रिपोर्ट मिलते ही, करीब एक महीने या डेढ़ महीने के भीतर, मैं उसके निष्कर्ष सार्वजनिक कर दूंगा।"
मुख्यमंत्री ने बताया कि वीआईपी कार्ड जारी करके पैसे लेने की व्यवस्था बंद कर दी गई है। हालांकि, वीआईपी लोगों के आने-जाने के लिए रास्ते रोकने की व्यवस्था अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा, "वीआईपी आवाजाही के लिए रास्ते रोकने की व्यवस्था पूरी तरह खत्म होनी चाहिए। इसे खत्म किया जाएगा। सब कुछ एक दिन में नहीं हो सकता। आधा काम हो चुका है और बाकी काम अगले साल तक पूरा कर लिया जाएगा।"