Prabhasakshi NewsRoom: गर्भ में पल रहे बच्चे संग मार दी गई SWAT Commando Kajal Chaudhary, पति बोला- पुलिस कुछ नहीं कर पाएगी

By नीरज कुमार दुबे | Jan 30, 2026

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। पश्चिमी दिल्ली के मोहन गार्डन इलाके में दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा में तैनात 27 वर्ष की स्वॉट कमांडो काजल चौधरी की उनके ही घर में निर्मम हत्या कर दी गई। काजल चार महीने की गर्भवती थीं और देश की सुरक्षा में तैनात एक जांबाज महिला सिपाही थीं। आरोप है कि उनके पति अंकुर ने घरेलू विवाद के दौरान पहले उनका सिर दरवाजे के चौखट पर पटका और फिर डंबल से उन पर जानलेवा हमला किया।

इसे भी पढ़ें: Chennai में ट्रिपल मर्डर से सनसनी, BJP बोली- DMK राज में फैला ड्रग्स और असुरक्षा का माहौल

कुछ ही मिनट बाद फिर फोन आया और कहा गया कि यह मर गई है, अस्पताल आ जाओ। जब परिवार और पुलिस वहां पहुंचे तो काजल बुरी तरह घायल थीं। परिवार का आरोप है कि उनके सिर पर गहरी चोटें थीं और पूरे शरीर पर जख्म थे। काजल के परिवार ने अंकुर और उसके रिश्तेदारों पर लंबे समय से दहेज उत्पीड़न और शारीरिक मानसिक यातना का आरोप लगाया है। काजल के पिता राकेश का कहना है कि शादी में बुलेट मोटरसाइकिल, सोने के गहने और नकद दिया गया था लेकिन फिर भी ताने बंद नहीं हुए। कहा गया कि अगर किसी और से शादी करता तो गाड़ी मिलती। बाद में बेटी ने गाड़ी की व्यवस्था भी की फिर भी अत्याचार नहीं रुका।

काजल की मां का दर्द और गुस्सा दोनों फूट पड़े। उनका कहना है कि शादी में करीब बीस लाख खर्च हुए, कर्ज लेना पड़ा और ऊपर से अंकुर ने पांच लाख और ले लिए। वह न्याय चाहती हैं और कहती हैं कि ऐसा आदमी राक्षस है। बताया जा रहा है कि काजल और अंकुर की जान पहचान कॉलेज के समय से थी और 23 नवंबर 2023 को शादी हुई थी। हरियाणा के गनौर में लगातार झगड़ों के कारण दोनों दिसंबर 2024 में मोहन गार्डन के किराये के मकान में आ गए लेकिन हालात नहीं बदले। पुलिस का कहना है कि कर्ज और घरेलू खर्च को लेकर विवाद चलता रहता था। इस मामले में मोहन गार्डन थाने में पहले हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था जिसे अब हत्या में बदला जाएगा। दंपति का डेढ़ साल का बेटा फिलहाल ननिहाल में है।

देखा जाये तो जिस काजल ने देश और समाज की सुरक्षा की कसम खाई थी वही काजल अपने ही पति की हैवानियत का शिकार हो गई। उससे भी भयावह यह है कि हत्या से पहले अपराधी खुलेआम यह ऐलान करता है कि पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। पढ़े लिखे और नौकरीपेशा परिवारों में भी दहेज का जहर खत्म नहीं हुआ यह चिंताजनक है। गर्भवती महिला से घर का सारा काम करवाना, मारपीट करना और फिर उसकी जान ले लेना यह बताता है कि स्त्री को अब भी इंसान नहीं बल्कि संपत्ति समझा जाता है। बहरहाल, यह मामला फास्ट ट्रैक अदालत में चलाकर दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलानी चाहिए ताकि समाज को यह संदेश जाए कि दहेज और घरेलू हिंसा का अंजाम सीधा फांसी घर या उम्रकैद है।

प्रमुख खबरें

Mourinho की वापसी और Arsenal का तगड़ा ऑफर, मुश्किल में Vinicius Jr; Real Madrid ने बढ़ाया कॉन्ट्रैक्ट

Mikhailo Mudryk की 2 साल बाद मैदान पर वापसी, Juventus के खिलाफ Pre-season Match में हारी Chelsea

Bankipur bypoll में मिली हार पर BJP ने की समीक्षा, पटना बैठक में बनेगी नई रणनीति

Parliament का विशेष सत्र बुलाने का कोई प्रस्ताव नहीं, Kiren Rijiju ने दी जानकारी