By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 26, 2026
कुर्द नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) के कमांडर ने मंगलवार को संगठन को आधिकारिक रूप से भंग करने की घोषणा की। यह वही समूह था, जिसने कभी सीरिया के उत्तर-पूर्व में एक वास्तविक स्वायत्त क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित कर रखा था। दमिश्क स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में एसडीएफ के कमांडर मजलूम अब्दी ने कहा कि एसडीएफ का सीरियाई सेना में विलय पूरा हो गया है और अब वह एक स्वतंत्र सैन्य बल के रूप में काम नहीं करेगी।
दिसंबर 2024 में सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता से हटाए जाने के बाद अमेरिका ने दमिश्क की नयी सरकार के साथ करीबी संबंध बनाए। इस सरकार का नेतृत्व अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा कर रहे हैं, जो पहले एक इस्लामी विद्रोही समूह के नेता रह चुके हैं। अब्दी ने कहा, ‘‘सीरिया के इतिहास के सबसे कठिन दौर में एसडीएफ ने बड़ी जिम्मेदारी निभाई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज परिस्थितियां बदल गई हैं और देश एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है, जहां शांति और नए सीरिया के निर्माण में भागीदारी पर जोर है।’’ उन्होंने इसी के साथ ‘‘एसडीएफ के मिशन के अंत’’ और ‘‘एक स्वतंत्र सैन्य बल के रूप में इसके भंग होने’’ की घोषणा की।
सीरिया में असद परिवार के करीब 50 साल के शासन के दौरान कुर्द समुदाय को हाशिए पर रखा गया था। बड़ी संख्या में कुर्दों को नागरिकता से वंचित कर दिया गया था। नवरोज मनाने पर भी सार्वजनिक रूप से रोक थी।
2011 में असद सरकार के खिलाफ विद्रोह शुरू होने के कुछ ही समय बाद, जब सरकारी सैनिक सीरिया के उत्तर-पूर्व के बड़े हिस्सों से हट गए, तो कुर्दों ने वहां पैदा हुए सत्ता के खालीपन को भर दिया। एक समय एसडीएफ का सीरिया के करीब 25 प्रतिशत क्षेत्र पर नियंत्रण था।