T20 World Cup: दो All-Rounders बाहर, Nasser Hussain ने बताया कैसे खिताब जीतेगी Harmanpreet की सेना

By Ankit Jaiswal | Jun 12, 2026

साल 2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व कप के सेमीफाइनल में हरमनप्रीत कौर ने नाबाद 171 रन बनाकर न केवल भारत को फाइनल में पहुंचाया था, बल्कि महिला क्रिकेट को देश में नई पहचान भी दिलाई थी। अब लगभग नौ साल बाद भारतीय टीम फिर इंग्लैंड में है और लक्ष्य एक बार फिर विश्व खिताब जीतना है।

बता दें कि भारत के समूह में पाकिस्तान के अलावा ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश और नीदरलैंड भी शामिल हैं। ऐसे में शुरुआती दौर से ही भारतीय टीम को कड़ी चुनौती मिलने वाली है।

इस बार भारतीय बल्लेबाजी को भारती फुलमाली की वापसी से बड़ी मजबूती मिली है। वर्ष 2019 के बाद वह लंबे समय तक राष्ट्रीय टीम से बाहर रहीं, लेकिन महिला प्रीमियर लीग में लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने टीम में वापसी की है। पिछले दो सत्रों में उनके तेज रन बनाने की क्षमता ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार ऋचा घोष के बाद भारती फुलमाली का प्रहार दर सबसे बेहतर रहा है।

भारतीय बल्लेबाजी क्रम को मजबूत माना जा रहा है, लेकिन टीम संतुलन को लेकर कुछ चिंताएं बनी हुई हैं। दरअसल अमनजोत कौर और काश्वी गौतम चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हैं। दोनों तेज गेंदबाजी करने वाली हरफनमौला खिलाड़ी हैं और उनकी गैरमौजूदगी ने टीम संयोजन को मुश्किल बना दिया है।

गौरतलब है कि यदि अमनजोत या काश्वी में से कोई एक उपलब्ध होती, तो भारत दो प्रमुख तेज गेंदबाजों के साथ एक अतिरिक्त तेज गेंदबाजी हरफनमौला खिलाड़ी को भी मैदान में उतार सकता था। इससे बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में गहराई बनी रहती। अब टीम प्रबंधन के सामने सवाल यह है कि अतिरिक्त बल्लेबाज खिलाया जाए या फिर एक और विशेषज्ञ गेंदबाज को मौका दिया जाए।

इसी मुद्दे पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने अपनी राय रखी है। उनका मानना है कि भारतीय टीम को बल्लेबाजी को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह अतिरिक्त बल्लेबाज के साथ मैदान में उतरना पसंद करेंगे और जरूरत पड़ने पर शेफाली वर्मा का उपयोग गेंदबाजी विकल्प के रूप में किया जा सकता है।

नासिर हुसैन का मानना है कि महिला क्रिकेट, खासकर टी-20 प्रारूप में स्पिन गेंदबाजी की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण होती है। उनके अनुसार कई सफल टीमें स्पिनरों पर अधिक भरोसा करती हैं और भारत के पास भी दीप्ति शर्मा, श्री चरणी जैसी गुणवत्ता वाली स्पिन गेंदबाज मौजूद हैं। ऐसे में दो तेज गेंदबाजों के साथ मजबूत बल्लेबाजी क्रम तैयार करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि भारत अतिरिक्त बल्लेबाज के साथ उतरता है, तो उसे आक्रामक क्रिकेट खेलना होगा। केवल सामान्य स्कोर बनाकर काम नहीं चलेगा। टीम को औसत से अधिक स्कोर खड़ा करना होगा ताकि अपेक्षाकृत हल्के गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव कम हो सके।

मौजूद जानकारी के अनुसार भारतीय टीम ने हाल के मुकाबलों में सकारात्मक और निडर क्रिकेट खेली है। ऐसे में प्रशंसकों को उम्मीद है कि हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारत एक बार फिर विश्व मंच पर बड़ा इतिहास रचने में सफल हो सकता है।

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