यूरोप में घुसा तालिबान, NATO देश फिर खोलेगे दूतावास

By अभिनय आकाश | Jun 24, 2026

जिस तालिबान से लड़ने के लिए अमेरिका और नाटो के देशों ने 20 साल तक जंग लड़ी आज उसी तालिबान का डेलीगेशन यूरोप के दिल ब्रसल्स में उन्हीं देशों के साथ एक मेज पर बैठा होगा। इतिहास ने करवट बदल ली है। ब्रसेल्स में यूरोपी संघ यानी कि इयू और तालिबान के बीच एक ऐसी गुप्त बैठक हुई है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया। यह मुलाकात सिर्फ हाथ मिलाने तक नहीं थी। यहां शर्तों का एक ऐसा खेल शुरू हुआ जिसमें एक तरफ यूरोप की मदद है तो दूसरी तरफ तालिबान की कट्टरपंथी ने दिया। ब्रसल्स वो जगह है जहां नाटो का मुख्यालय है। वही नाटो जिसके सैनिकों ने अमेरिकी सेना के साथ मिलकर अफगानिस्तान की धरती पर तालिबान को जड़ से उखाड़ने के लिए दो दशक तक युद्ध किया। साल 2021 में अफगानिस्तान से विदेशी सेना की वापसी के करीब 5 साल बाद आज हालात ऐसे हैं कि यूरोप को तालिबान से बात करनी पड़ रही है और इस डेलीगेशन का नेतृत्व तालीबान के विदेश मंत्रालय के अधिकारी कर रहे हैं। ईयू के 15 सदस्य देशों के प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल हुए। लेकिन सवाल यह था कि आखिर यूरोप को तालीबान की जरूरत क्यों पड़ गई और तालीबान क्यों यूरोप की दहलीज तक जा पहुंचा? 

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दरअसल ट्विस्ट यह है कि तालीबान के प्रवक्ता अब्दुल कहर बलखी ने इस बैठक के बाद जो कुछ कहा उसने सबको हैरान कर दिया। तालीबान का साफ कहना है कि वे अब कूटनीतिक संबंधों को सामान्य बनाना चाहते हैं। उनकी सबसे बड़ी शर्त और मांग यह है कि यूरोपी देश काबुल में अपने दूतावास को फिर से खोल दें। तालिबान जानता है कि अगर यूरोप के दूतावास काबुल में खुल जाते हैं तो उन्हें अघोषित मान्यता मिल ही जाएगी और यह नाटो देशों के लिए एक बड़ी दुविधा है। एक तरफ वे मानवाधिकारों की बात करते हैं तो दूसरी तरफ तालिबान उन्हें कूटनीतिक जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा है। जहां एक तरफ कूटनीति की बातें हो रही हैं। वहीं नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफ जई ने यूरोप के इस कदम पर तीखा हमला बोला। मलाला जो खुद तालीबान के हमले का शिकार हुई थी। उन्होंने साफ कहा कि यूरोप को उस सत्ता को मान्यता देने जैसा कोई भी कदम नहीं उठाना चाहिए जिसने दुनिया में सबसे क्रूरता के साथ मानवाधिकारों का उल्लंघन किया हो। मलाला का यह बयान यूरोप के उन देशों के लिए भी एक आईना है जो सिर्फ अपने फायदे के लिए तालिबान से हाथ मिलाने के लिए मेज पर बैठ चुके हैं।

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