तालिबान का सिखों को अल्टीमेटम, इस्लाम कबूल कर लो या फिर देश छोड़ दो, IFFRAS ने जताई नरसंहार की आशंका

By अभिनय आकाश | Oct 23, 2021

अफगानिस्तान में तालिबान ने अपनी दोहरी नीति एक बार फिर दिखा दी है। सत्ता पर कब्जा करने के बाद तालिबान ने मान्यता पाने के लिए सभी धर्मों को साथ लेकर चलने का दावा किया था। लेकिन अब अल्पसंख्यकों के लिए वहां सुरक्षा हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। अफगानिस्ता में तालिबान का एक और क्रूर चेहरा सामने आया है। तालिबान का सिखों को फरमान जारी करते हुए कहा है कि या तो इस्लाम कुबूल कर लो या फिर देश छोड़ दो। इतना ही नहीं इस्लाम कबूल न करने पर जान से मारने की धमकी दी जारी है। 

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पिछले कुछ सालों में अफगानिस्तान में सिखों की संख्या काफी कम हुई है। अफगानी सरकार ने सिखों को बुनियादी सुविधाएं नहीं दी हैं। फिलहाल ज्यादातर सिख काबुल, गजनी और नंगरहार में रहते हैं।  मार्च 2020 में काबुल के शोर बाजार इलाके में गुरुद्वारे पर हमला हुआ था। आत्मघाती हमलावरों ने गुरुद्वारे पर हमला किया था। कट्टरपंथियों के इस हमले में 25 लोगों की मौत हो गई थी। गुरुद्वारे पर हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी। तालिबान राज में सिखों में दहशत का माहौल बनाया जा रहा है। सिख समुदाय पर धर्म परिवर्तन का दवाब बनाया जा रहा है। ज्यादातर सिखों ने गुरुद्वारे में शरण ली हुई है। लोग जान बचाने के लिए हर हाल में अफगानिस्तान छोड़ना चाहते हैं।  26 मार्च 2020 को काबुल के गुरुद्वारे में तालिबानियों गोलियां चलाएं जाने के बाद अधिकतर सिख भारत के लिए रवाना हो गए हैं।

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