Shaurya Path: Russia-Ukraine, Israel-Hamas, Iran और Rajnath's US Tour को लेकर Brigadier Tripathi से वार्ता

By अंकित सिंह | Aug 29, 2024

प्रभासाक्षी के खास कार्यक्रम शौर्यपथ में हम देश-दुनिया में चल रही उठापटक की स्थिति पर चर्चा करते हैं। इसमें हमेशा की तरह हमारे मेहमान रहे ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त)। हमने उनसे देश दुनिया के विभिन्न मसलों पर चर्चा की है। हमने रूस-यूक्रेन को लेकर सवाल पूछे और यह जानना चाहा कि आखिर व्लादिमीर पुतिन किस प्लान के तहत आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर ईरान को लेकर भी लगातार खबरें आ रही है ईरान ने कहीं ना कहीं अमेरिका से बातचीत के संकेत दिए हैं। ऐसा क्यों हो रहा है? इस पर भी हमने ब्रिगेडियर त्रिपाठी से सवाल पूछे इसराइल और हमास के बीच की लड़ाई को लेकर भी हमने इस कार्यक्रम में ब्रिगेडियर त्रिपाठी के साथ चर्चा की है। साथ ही साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जो हाल में ही अमेरिका दौरे पर थे, उनके इस दौरे से भारत को क्या कुछ लाभ हुआ है, इसे भी हम ब्रिगेडियर त्रिपाठी से समझने की कोशिश की।

सवाल- ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई ने परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका से बातचीत करने की सहमति जताई है। क्या यह ईरान का अमेरिका के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव का संकेत है?

- ब्रिगेडियर त्रिपाठी ने कहा कि अमेरिका लगातार इस तरह की चेतावनी देता रहा है। इसके पीछे भी अमेरिका की कोई ना कोई रणनीति होगी। कहीं ना कहीं वह ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। दूसरी ओर ईरान पर भी प्रेशर है। सवाल उठ रहे हैं कि ईरान ने अब तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं की है। अमेरिका ईरान को संदेश देने की कोशिश में है। साथ ही साथ अमेरिका यह भी बता रहा कि वह हर हाल में इजरायल के साथ है। उन्होंने कहा कि हो सकता है ईरान अपने समय का इंतजार कर रहा हो। ईरान सीधी लड़ाई के बजाय प्रॉक्सी वार कर सकता है। फिलहाल ईरान आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रहा है। आर्थिक समस्या उसकी लगातार बढ़ती जा रही है। शायद इसी वजह से अमेरिका के साथ बातचीत को वह तैयार हुआ है क्योंकि उसके ऊपर कई तरीके के सैंक्शन लगे हुए हैं। सैंक्शन से राहत मिलने पर ईरान के लिए आगे के रास्ते आसान हो सकते हैं।

सवाल- इसराइल ने गाजा में अपनी सैन्य करवाई बढ़ा दी है। साथ ही लेबनान में भी हिज़बुल्लाह के ठिकानों पर काफी ज्यादा हमले किए हैं। शांति वार्ता भी आगे नहीं बढ़ी है। इसको कैसे देखते हैं आप?

- ब्रिगेडियर त्रिपाठी ने कहा कि यह युद्ध कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शांति प्रक्रियाओं में लगातार बाधा उत्पन्न हो रही है। अपनी तरफ से इस सप्ताह में हमने देखा कि कैसे हिज़बुल्लाह की ओर से फायरिंग की गई थी। इसके बाद इजरायल ने भी पलटवार किया है। लेबनान में हिज़बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायल ने कार्रवाई की है। दोनों ओर से लड़ाई लगातार बढ़ती जा रही है। गाजा को लेकर इसराइल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। वेस्ट बैंक में भी वह अपना ऑपरेशन लगातार चला रहा है। त्रिपाठी ने कहा कि इसराइल हर हाल में हमास को खत्म करना चाहता है। उन्होंने कहा कि पहले पीस प्लान की बातचीत हो रही थी लेकिन यह बार-बार डिटेल हो जा रही है। बेंजामिन नेतन्याहू पर भी राइट विंग का प्रेशर है। इसलिए बातचीत को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है। अमेरिका ब्रिजिंग प्लान लाने की कोशिश में है। हालांकि कुछ इसका फायदा होता नहीं दिखाई दे रहा है। राष्ट्रपति उम्मीदवार के दौर से बाहर होने के बाद जो बिडेन भी चुप है। कमला हैरिस और ट्रंप भी इसराइल मसले को लेकर बहुत कुछ बोल नहीं रहे हैं। 

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सवाल- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में अपनी अमेरिका का दौरा समाप्त किया है। उनके इस दौर की क्या उपलब्धि रही है?

- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अमेरिका दौरे को लेकर ब्रिगेडियर त्रिपाठी ने कहा कि आज के वक्त में खुद को मजबूत रखना हर देश के लिए सबसे बड़ी जरूरत है। भारत लगातार आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने की बात कर रहा है। हम मेक इन इंडिया की बात कर रहे हैं। ऐसे में अमेरिका जैसे देशों का सहयोग हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ब्रिगेडियर त्रिपाठी ने कहा कि अमेरिका से हमारी बातचीत लगातार चल रही है। उसमें तेजी आए, इसको लेकर राजनाथ सिंह का यह दौरा बेहद ही महत्वपूर्ण हैं। राजनाथ के साथ क्षेत्रीय मुद्दों पर बात हुई है। इसके साथ-साथ को प्रोडक्शन पर भी जोडर दिया गया है। डिफेंस डील में तेजी लाने की बातचीत हुई है। भारत और अमेरिका स्पेस और इंडस्ट्री में एक साथ काम करने को लेकर तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में इस राजनाथ के दौरे को लेकर भारत को आने वाले दिनों में जबरदस्त फायदा हो सकता है। 

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