By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 08, 2026
चेन्नई, आठ सितंबर तमिलनाडु विधानसभा में मंगलवार को उस समय हंगामा हो गया जब द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के उस बयान को सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटाने की मांग की जिसमें उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। द्रमुक विधायकों ने इसके साथ ही नारेबाजी की, जिसके बाद मुख्य विपक्षी दल के कई विधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया गया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही द्रमुक के सचेतक ई वी वेलु ने सोमवार को विजय द्वारा दिए गए बयान का हवाला देते हुए मांग की कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मुख्यमंत्री के संदर्भों को सदन के रिकॉर्ड से हटाया जाए, क्योंकि यह सदन के नियमों के विरुद्ध है।
द्रमुक सदस्यों ने इसका विरोध किया। विधानसभा अध्यक्ष जे सी डी प्रभाकर ने मुख्यमंत्री की टिप्पणियों को सदन के रिकॉर्ड से हटाने की मांग खारिज कर दी, जिसके बाद द्रमुक विधायकों की नारेबाजी जारी रही। द्रमुक के कई विधायक अध्यक्ष के आसन के सामने एकत्र हो गए और अपनी मांग दोहराते हुए नारेबाजी करते रहे।
सदन के नेता के. ए. सेंगोट्टैयन ने सदन के नियमों के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मार्शलों को द्रमुक विधायकों को सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया। विधानसभा कक्ष से बाहर ले जाए जाते समय भी द्रमुक विधायक इस मुद्दे पर नारेबाजी करते रहे।