आठ साल तक लड़ी तरुण तेजपाल ने कानूनी लड़ाई, फिर किया कोर्ट ने बरी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 21, 2021

पणजी। तहलका पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को गोवा के एक पांच सितारा होटल की लिफ्ट में महिला साथी के यौन उत्पीड़न के आरोपों से बरी कर दिया गया है। इस मामले से संबंधित घटनाक्रम इस प्रकार है: 20 नवंबर 2013: यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद तेजपाल ने तहलका के प्रधान संपादक के पद से इस्तीफा दिया। 21 नवंबर 2013: गोवा पुलिस ने तेजपाल पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच शुरू की।

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23 नवंबर 2013: गोवा पुलिस ने तेजपाल के खिलाफ बलात्कार और शील भंग करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की। 30 नवंबर 2013: सत्र अदालत ने तेजपाल को अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि जमानत मांगने का आधार स्पष्ट नहीं है। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर गोवा में सदा उप-जेल भेज दिया गया। 17 फरवरी, 2014: गोवा अपराध शाखा ने तेजपाल के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। आरोप पत्र में उस महिला और उस समय तहलका की प्रबंध संपादक शोमा चौधरी से ई-मेल की जरिये मांगी गई औपचारिक माफी को शामिल किया गया।

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16 जून 2014: सत्र अदालत ने कैमरे के समक्ष सुनवाई कराने और मीडिया को इसकी रिपोर्टिंग नहीं करने देने के तेजपाल के अनुरोध को स्वीकार किया। एक जुलाई 2014: उच्चतम न्यायालय ने तेजपाल को जमानत दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह 30 नवंबर 2013 को अपनी गिरफ्तारी के बाद छह महीने की जेल की सजा काट चुके हैं और 17 फरवरी को आरोप पत्र दायर किये जाने के बाद उन्हें जेल में रखने की कोई जरूरत नहीं है। 26 सितंबर 2017: बंबई उच्च न्यायालय ने तेजपाल पर आरोप तय करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। 28 सितंबर 2017: गोवा की निचली अदालत ने तेजपाल के खिलाफ बलात्कार और गलत तरीके से बंधक बनाने के आरोप तय किये। छह दिसंबर 2017: उच्चतम न्यायालय ने गोवा की अदालत को मामले की सुनवाई शुरू करने के लिये कहा। सात दिसंबर 2017: उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय की गोवा पीठ को तेजपाल मामले में गवाही दर्ज करने का निर्देश दिया।

12 दिसंबर 2017: बंबई उच्च न्यायालय ने बलात्कार और अन्य आरोपों को खत्म करने की तेजपाल की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा। 27 अप्रैल 2021: मामले को सूचीबद्ध किया गया, लेकिन अदालत ने फैसला 12 मई तक टाल दिया। 12 मई 2021:मामले को सूचीबद्ध किया गया, लेकिनअदालत ने फैसला 19 मई तक टाल दिया। 19 मई 2021: मामले को सूचीबद्ध किया गया, लेकिन अदालत ने फैसला 21 मई तक टाल दिया गया। 21 मई 2021: गोवा की अदालत ने तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया।

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